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दिल्ली में चंद्रबाबू: अमरावती के लिए संसद में बिल और ‘जी-राम-जी’ योजना पर मांगी बड़ी राहत

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर अमरावती को राजधानी के रूप में वैधानिक दर्जा देने और नई केंद्रीय योजनाओं के वित्तीय बोझ को कम करने का आग्रह किया है.

Chandrababu Naidu Sought bill in Parliament

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य के भविष्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. इस दौरान नायडू ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि संसद में विधेयक पेश कर अमरावती को आधिकारिक रूप से राज्य की स्थायी राजधानी का वैधानिक दर्जा दिया जाए.

दौरे के बाद पहुंचे दिल्ली

मुख्यमंत्री ने राज्य के दीर्घकालिक विकास और स्थिरता के लिए इसे अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए संसद में विधेयक पेश करके अमरावती को वैधानिक दर्जा देने का आग्रह किया. बता दें कि मुख्यमंत्री सुबह पोलावरम परियोजना स्थल का दौरा करने के बाद दिल्ली पहुंचे.

औपचारिक मान्यता से विकास में होगी तेजी

चर्चा के दौरान, दोनों नेताओं ने आंध्र प्रदेश से संबंधित प्रमुख विकास और कल्याणकारी पहलों की समीक्षा की. साथ ही नीतिगत स्पष्टता की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरावती को औपचारिक विधायी मान्यता मिलने से विकास में तेजी आएगी और आंध्र प्रदेश के लोगों की आकांक्षाएं पूरी होंगी, साथ ही निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा.

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने यह भी अनुरोध किया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के स्थान पर हाल ही में लागू की गई जी-राम-जी योजना के कुछ पहलुओं के संबंध में राज्य को कुछ लचीलापन दिया जाए.

आंध्रा पहले से वित्तीय कठिनाइयों से जूझ रहा

मुख्यमंत्री ने वीबी-जी-राम-जी योजनाओं के वित्तीय प्रावधानों पर चर्चा की और अमित शाह को समझाया कि केंद्र और राज्य सरकार के वित्तपोषण अनुपात को 60:40 करने से आंध्र प्रदेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जो पहले से ही वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहा है.

उन्होंने बताया कि संशोधित केंद्र-राज्य वित्तपोषण अनुपात आंध्र प्रदेश पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रहा है और इससे कार्यान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

वित्तीय सहायता और लचीलेपन का अनुरोध

राहत की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की वर्तमान वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक वित्तीय सहायता और लचीलेपन का अनुरोध किया. उन्होंने आंध्र प्रदेश को वित्तीय संकट से उबरने में केंद्र के सहयोग को स्वीकार किया और निरंतर सहयोग की अपील की.

बैठक में चल रही विकास परियोजनाओं, कल्याणकारी योजनाओं और राज्य में हाल के घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई.

उन्होंने केंद्रीय बजट में आंध्र प्रदेश के लिए आवंटन से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की.

चंद्रबाबू नायडू, जिनकी तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में एक प्रमुख सहयोगी है, ने कथित तौर पर राज्य में विभिन्न परियोजनाओं के लिए आवंटन की मांग की.

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-भारत एक्सप्रेस

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