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धमतरी में सनसनी: सरकारी स्कूल के 35 बच्चों ने काटीं अपनी कलाइयां, वजह जानकर उड़ जाएंगे होश!

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के दहदहा गांव में मिडिल स्कूल के 35 छात्रों ने अपनी कलाइयां काट लीं. यह घटना ‘मास हिस्टीरिया’ या एक-दूसरे को देखकर की गई नकल बताई जा रही है. प्रशासन ने अब सभी स्कूलों में काउंसलिंग और निगरानी के निर्देश दिए हैं.

Dhamtari, Chhattisgarh News

जितेंद्र साहू/धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने न सिर्फ शिक्षा विभाग, बल्कि हर माता-पिता को चिंता में डाल दिया है. यहां के एक सरकारी मिडिल स्कूल के 35 बच्चों ने मिलकर अपनी कलाइयां काट लीं. यह कोई मामूली घटना नहीं है, बल्कि एक गहरी मानसिक स्थिति की ओर इशारा करती है. जब यह मामला प्रशासन के सामने आया, तो हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस और डॉक्टरों की टीम को स्कूल भेजा गया.

कैसे खुला ये खौफनाक राज?

यह पूरा मामला कुरूद ब्लॉक के दहदहा गांव स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का है. घटना करीब एक महीने पुरानी बताई जा रही है, लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब 13 फरवरी को कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों के हाथों पर कटे हुए निशान देखे. जब माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी, तो पता चला कि यह किसी एक बच्चे की बात नहीं है, बल्कि छठवीं, सातवीं और आठवीं कक्षा के कुल 35 बच्चों ने अपने हाथ की कलाई पर किसी नुकीली चीज से घाव किए थे.

सोशल इंफ्लुएंस या कुछ और?

शुरुआती जांच में तहसीलदार सूरज बंछोर और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जो पाया, वह काफी हैरान करने वाला है. बताया जा रहा है कि बच्चों ने किसी भारी दबाव या दुश्मनी में ऐसा नहीं किया, बल्कि एक-दूसरे को देख-देखकर यह कदम उठाया.

अधिकारियों का कहना है कि यह एक तरह का ‘चेन रिएक्शन’ था, जहां एक बच्चे को ऐसा करते देख बाकी बच्चों ने भी इसे आजमाया. राहत की बात बस इतनी है कि ये घाव अब भर चुके हैं और सभी बच्चे शारीरिक रूप से खतरे से बाहर हैं, लेकिन उनके हाथों पर मौजूद निशान उस मानसिक स्थिति की गवाही दे रहे हैं जिससे वे गुजर रहे थे.

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प्रशासन का एक्शन और काउंसलिंग

मामले की गंभीरता को देखते हुए 16 फरवरी को स्कूल में एक विशेष मेडिकल कैंप और काउंसलिंग सेशन रखा गया. मनोवैज्ञानिकों ने बच्चों से बात की ताकि यह समझा जा सके कि आखिर उनके मन में चल क्या रहा था. कुरूद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार साहू ने बताया कि बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों की भी काउंसलिंग की गई है. उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर कड़ी नजर रखें.

प्रशासन ने अब जिले के सभी स्कूलों को अलर्ट जारी कर दिया है. शिक्षकों से कहा गया है कि वे बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों को पहचानें और उनके साथ संवाद बढ़ाएं. फिलहाल जांच जारी है कि क्या इसके पीछे कोई सोशल मीडिया चैलेंज था या कोई और वजह.

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-भारत एक्सप्रेस



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