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लोजपा का प्रतिनिधिमंडल बिहार के डीजीपी से मिला, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग तेज हो गई है.

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. मामले को गंभीरता से लेते हुए एलजेपी (रामविलास) ने बिहार पुलिस से धमकी देने वाले की जल्द पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. पार्टी ने चिराग पासवान की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा करने की मांग भी उठाई है.

इसी सिलसिले में पार्टी के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार से मुलाकात की. राज्य अध्यक्ष विवेक विश्वास के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में विधान परिषद सदस्य अशरफ अंसारी और पार्टी विधायक राजू तिवारी भी शामिल थे. नेताओं ने पटना स्थित सरदार पटेल भवन में डीजीपी के साथ बैठक की और पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की.

धमकी की जांच और सुरक्षा पर हुई बात

बैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने डीजीपी के सामने चिराग पासवान को मिली धमकी का मुद्दा रखा. उन्होंने पुलिस से यह पता लगाने की मांग की कि धमकी किसने भेजी, उसका मकसद क्या था और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं. पार्टी का कहना है कि ऐसे मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जाना जरूरी है.

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस की ओर से अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी भी ली. साथ ही चिराग पासवान की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर जरूरत पड़ने पर उसे और मजबूत करने की मांग की गई.

बैठक के बाद विवेक विश्वास और राजू तिवारी ने कहा कि डीजीपी ने मामले को गंभीरता से लिया है. उनके मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया है कि धमकी की जांच में जरूरी कार्रवाई की जाएगी और दोषी तक पहुंचने की कोशिश तेज की जाएगी.

मंत्रालय को मिला था बिना हस्ताक्षर वाला संदेश

पार्टी नेताओं के अनुसार, चिराग पासवान को पत्र के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई थी. बताया गया है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को एक बिना हस्ताक्षर वाला संदेश मिला था. इस संदेश में दावा किया गया था कि चिराग पासवान को जल्द ही “कट्टर आतंकवादियों” द्वारा मार दिया जाएगा. संदेश में दो मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख किया गया था.

मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने 1 सितंबर को केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखा. पत्र में धमकी के स्रोत और उसकी वास्तविकता की तत्काल और गहन जांच कराने की मांग की गई है.

गृह मंत्रालय से भी सुरक्षा बढ़ाने की मांग

धमकी सामने आने के बाद एलजेपी (रामविलास) ने केंद्र सरकार के स्तर पर भी चिराग पासवान की सुरक्षा बढ़ाने का मुद्दा उठाया है. पार्टी पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क कर चुकी है.

चिराग पासवान को फिलहाल गृह मंत्रालय की ओर से जेड-श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. ऐसे में नई धमकी के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग और महत्वपूर्ण हो गई है. पार्टी का कहना है कि केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा को देखते हुए धमकी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए.

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-भारत एक्सप्रेस



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