आज 10 मार्च है और पूरा देश केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का 57वां स्थापना दिवस मना रहा है. देश की सुरक्षा व्यवस्था में एक अटूट कड़ी के रूप में कार्य करने वाला यह बल आज अपनी स्थापना के 57 शानदार साल पूरे कर चुका है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीआईएसएफ के उन वीर जवानों और अधिकारियों को याद किया, जो दिन-रात देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रक्षा में तैनात रहते हैं. पीएम मोदी ने अपने संदेश में बल के अनुशासन और उनके प्रति देश के भरोसे को बखूबी बयां किया है.
अटूट प्रतिबद्धता: PM Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ पर CISF कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा, ‘केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सभी कर्मियों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.
Warm greetings to all personnel of the Central Industrial Security Force on their Raising Day.
Known for their determination, discipline and dedication, CISF plays a vital role in safeguarding critical infrastructure across the nation. Their unwavering commitment to duty… pic.twitter.com/g8H1L5SM74
— Narendra Modi (@narendramodi) March 10, 2026
पीएम मोदी ने आगे कहा कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और समर्पण के लिए प्रसिद्ध, सीआईएसएफ देशभर में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है. कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता भारत की सुरक्षा और प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देती है.”
क्या है CISF का महत्व?
10 मार्च, 1969 को अस्तित्व में आया यह बल आज केवल एक सुरक्षा एजेंसी नहीं, बल्कि भारत की औद्योगिक और आर्थिक रीढ़ का रक्षक बन चुका है. शुरुआत में महज कुछ हजार कर्मियों के साथ शुरू हुई यह फोर्स आज लगभग 2.2 लाख जवानों का एक विशाल और आधुनिक सुरक्षा ढांचा है.
किन जगहों की सुरक्षा संभालता है CISF?
- एयरपोर्ट सिक्योरिटी: देश के 70 से अधिक प्रमुख हवाई अड्डों की सुरक्षा.
- मेट्रो रेल: दिल्ली से लेकर मुंबई तक के मेट्रो नेटवर्क की सुरक्षा, जहां रोज लाखों लोग यात्रा करते हैं.
- महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान: परमाणु ऊर्जा संयंत्र, अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र, समुद्री बंदरगाह और स्टील-कोयला जैसे बड़े सरकारी-निजी उद्योग.
- ऐतिहासिक धरोहर: संसद भवन से लेकर कई संवेदनशील सरकारी दफ्तरों तक, सीआईएसएफ का घेरा हर जगह है.
संकट के समय ‘संकटमोचक’
CISF केवल अपनी ड्यूटी ही नहीं निभाता, बल्कि आपदा प्रबंधन (Disaster Management) में भी यह बल सबसे आगे रहता है. चाहे वह आग बुझाने का काम हो या किसी बड़े संकट के समय रेस्क्यू ऑपरेशन, सीआईएसएफ के जवान हमेशा अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सेवा करते हैं. प्रधानमंत्री का यह संदेश देश के हर उस जवान का हौसला बढ़ाता है, जो घर से दूर रहकर अपनी ड्यूटी को ‘धर्म’ मानकर निभाता है.
-भारत एक्सप्रेस
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