8वें दिनकर स्मृति व्याख्यान में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत
New Delhi, May 6, 2026: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में दिनकर स्मृति व्याख्यान के दौरान तकनीक और समाज को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभाव भले ही बढ़ रहा हो, लेकिन इसमें गरीबों के प्रति एक अंतर्निहित पक्षपात (Inherent bias) दिखाई दे रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि एक मानवीय और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए ‘सामाजिक न्याय’ ही सबसे महत्वपूर्ण आधार है.
‘रश्मिरथी’: सामाजिक न्याय की व्याख्या
मुख्य न्यायाधीश ‘रिस्पेक्ट इंडिया’ द्वारा आयोजित 8वें दिनकर स्मृति व्याख्यान में बोल रहे थे. इस व्याख्यान का विषय “रश्मिरथी: सामाजिक न्याय का महाकाव्य” था. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि समानता और मानवीय गरिमा के जो आदर्श हमारे संविधान में शामिल हैं, उनकी गूंज राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की रचनाओं में बहुत पहले ही सुनाई दे चुकी थी. उन्होंने रश्मिरथी के उदाहरण देते हुए कहा कि आत्म-सम्मान और न्याय को समाज के केंद्र में होना चाहिए.
कानून ही काफी नहीं, सम्मान भी जरूरी
CJI ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में केवल कानून बना देना ही पर्याप्त नहीं है. उन्होंने कहा, “जब तक समाज के हर व्यक्ति को गरिमा और सम्मान के साथ नहीं देखा जाता, तब तक कानून का कोई अर्थ नहीं है.” उन्होंने दुख जताया कि दिनकर जी की रचना के सात दशक बाद भी समाज में असमानताएं मौजूद हैं. उनके अनुसार, सामाजिक न्याय के आदर्शों को केवल बातों में नहीं बल्कि व्यवहार में लाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है.
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मनोज तिवारी को ‘दिनकर संस्कृति सम्मान’
इस खास अवसर पर उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी को ‘दिनकर संस्कृति सम्मान 2026’ से नवाजा गया. उन्हें यह सम्मान कवि दिनकर की विरासत को आगे बढ़ाने और सांस्कृतिक योगदान के लिए दिया गया है. सम्मान ग्रहण करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि दिनकर जी की कविताएं आज भी हमें प्रेरित करती हैं और हमारी सांस्कृतिक विरासत की ताकत को दर्शाती हैं.
दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने की. उन्होंने कहा कि दिनकर का लेखन हमारी सभ्यता के उन मूलभूत सिद्धांतों को दर्शाता है जो न्याय पर आधारित हैं. ‘रिस्पेक्ट इंडिया’ के संस्थापक मनीष कुमार चौधरी ने कहा कि यह मंच संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ लाने का प्रयास है. इस कार्यक्रम में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय सहित न्यायपालिका, शिक्षा जगत और सार्वजनिक जीवन की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं. विद्वानों ने यह भी रेखांकित किया कि दिनकर का काम आज के तकनीकी युग में और भी प्रासंगिक हो गया है क्योंकि यह हमें मानवीय मूल्यों की याद दिलाता है.
- भारत एक्सप्रेस
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