सिर्फ ‘वीर रस’ नहीं, बदलाव की आवाज थे दिनकर; जानिए क्यों आज भी प्रासंगिक हैं राष्ट्रकवि?
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हिंदी साहित्य के उन महान कवियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी ओजपूर्ण लेखनी से वीर रस को नई पहचान दी.
‘युगों-युगों तक मार्ग दिखाएंगी उनकी कृतियां…’, रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनकी साहित्यिक विरासत को याद किया.
सामाजिक न्याय ही मानवीय समाज की कुंजी: 8वें दिनकर स्मृति व्याख्यान में CJI जस्टिस सूर्यकांत ने AI के खतरों पर जताई चिंता
CJI Surya Kant: CJI जस्टिस सूर्यकांत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि AI गरीबों के प्रति पक्षपाती हो सकता है. उन्होंने कहा कि मानवीय समाज के लिए सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा अनिवार्य है.
राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृति में गूंजेगी ‘रश्मिरथी’ की हुंकार, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और CMD उपेंद्र राय होंगे शामिल
Rashmirathi The Epic of Social Justice: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी रचना 'रश्मिरथी' के 75 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली में एक भव्य बौद्धिक समागम होने जा रहा है. इस कार्यक्रम में भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के सीएमडी (CMD) और एडिटर इन चीफ उपेंद्र राय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे.
‘जाति नहीं, कर्म से महान बनता है इंसान’; 75 साल बाद भी क्यों प्रासंगिक है दिनकर की ‘रश्मिरथी’?
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कृति ‘रश्मिरथी’ हिंदी साहित्य का एक कालजयी खंडकाव्य है, जो महाभारत के महान योद्धा कर्ण के जीवन, संघर्ष, दान, वीरता और अंतिम बलिदान पर केंद्रित है.





