तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी और कांग्रेस आलाकमान
CM Revanth Reddy: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आज ट्वीट कर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछली साल देश की आज़ादी के बाद पहली बार राज्य-स्तरीय सामाजिक, आर्थिक और जातीय सर्वेक्षण (Social, Economic, Caste Survey) कराया. उन्होंने कहा- इस सर्वेक्षण के अनुसार राज्य की 56.32% आबादी पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंधित है.
केंद्र सरकार के जातीय जनगणना कराने के निर्णय को उन्होंने राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान जातीय जनगणना की मांग से प्रेरित बताया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राहुल गांधी की दूरदृष्टि और दिशा का परिणाम है, जिसे तेलंगाना ने पहले अपनाया और अब केंद्र सरकार ने भी स्वीकार किया है.
Based on the vision and direction of
Shri @RahulGandhi Ji who first demanded a nation-wide Caste Census during his historic #BharatJodoYatra Telangana is the first State to conduct caste survey last year.This was the first in Independent #India, the last one being in 1931 by… pic.twitter.com/7dNABdwqM7
— Revanth Reddy (@revanth_anumula) April 30, 2025
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने विधानसभा में सर्वे रिपोर्ट पेश करने के बाद 42% आरक्षण की सिफारिश की है, जो शिक्षा, नौकरी और राजनीतिक पदों में ओबीसी समुदाय को मिलेगा.
तेलंगाना कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर जातीय जनगणना के समर्थन में आंदोलन चलाया, जिसमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी विरोध प्रदर्शन हुआ. मुख्यमंत्री ने गर्व जताया कि अब केंद्र सरकार ने अगले राष्ट्रीय जनगणना में जातीय जनगणना को शामिल करने का निर्णय लिया है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिमंडल को भी इसके लिए धन्यवाद दिया और कहा, “जो आज तेलंगाना करता है, वो कल भारत करता है.”
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