रिपोर्ट- प्रियंका
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का एक अलग अंदाज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड के ग्राम कोसला में देखने को मिला. आमतौर पर नेताओं के दौरे में भारी सुरक्षा और औपचारिकता दिखाई देती है, लेकिन इस बार माहौल बिल्कुल गांव की चौपाल जैसा था. मुख्यमंत्री अचानक गांव पहुंचे और सीधे लोगों के बीच जाकर पीपल के पेड़ के नीचे खाट पर बैठ गए. गांव वालों ने भी बिना किसी झिझक के अपनी परेशानियां और जरूरतें उनके सामने रखीं.
गांव के बुजुर्गों से लेकर महिलाओं और युवाओं तक, सभी ने खुलकर अपनी बात कही. मुख्यमंत्री ने भी बेहद सहज तरीके से लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. उनके इस सादगी भरे अंदाज़ की चर्चा पूरे इलाके में होती रही. ग्रामीणों का कहना था कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री को इतने करीब से देखा, जो बिना मंच और दूरी के आम लोगों के बीच बैठा हो.
दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तहत कोसला पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने गांव में चल रही सरकारी योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली और यह समझने की कोशिश की कि लोगों तक योजनाओं का फायदा सही तरीके से पहुंच रहा है या नहीं. उनके साथ वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और विशेष सचिव रजत बंसल भी मौजूद रहे.
माता कौशल्या मंदिर में मुख्यमंत्री साय ने की पूजा
कोसला पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने सबसे पहले प्रसिद्ध माता कौशल्या मंदिर में पूजा-अर्चना की. उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की. मंदिर परिसर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मंदिर सेवा समिति और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. गांव में मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से उत्साह का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने और मिलने पहुंचे.
मंदिर परिसर में लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं प्रदेश की असली पहचान हैं. सरकार विकास कार्यों के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर भी लगातार काम कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि गांवों का विकास सरकार की प्राथमिकता है और प्रशासन को जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से करना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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