Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने समेत सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी. सरकार और सीजेपी के बीच तीन दौर की बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया.
तीन बड़ी मांगें
सीजेपी की मुख्य मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों पर दर्ज सभी एफआईआर को वापस लेना और नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल था.
बातचीत में शामिल प्रतिनिधि
सरकार की ओर से जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने वार्ता में हिस्सा लिया, जबकि सीजेपी की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका मौजूद रहे. बैठक के बाद सौरव दास ने कहा कि पार्टी सद्भावना के आधार पर आंदोलन खत्म कर रही है और उम्मीद करती है कि सरकार तय समयसीमा में सभी वादों को पूरा करेगी.
FIR पर सहमति
सीजेपी ने मांग की थी कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं. सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है. दिल्ली में दर्ज करीब 15 से 20 एफआईआर की प्रतियां तीन से चार दिनों में संगठन को उपलब्ध कराई जाएंगी. सीजेपी ने लिखित गारंटी भी मांगी थी कि भविष्य में कोई कार्रवाई नहीं होगी. सरकार ने मंगलवार तक लिखित आश्वासन देने का भरोसा दिया है.
शिक्षा सुधारों पर चर्चा
वार्ता के दौरान सीजेपी ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर पांच सूत्रीय चार्टर सरकार को सौंपा. जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार इस चार्टर का अध्ययन करेगी और आगे भी सीजेपी के साथ बातचीत जारी रखेगी. सूत्रों के अनुसार, शिक्षा सुधारों पर अगली बैठक चार सप्ताह बाद हो सकती है.
मुआवजे पर सहमति
सीजेपी ने नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की थी. प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार ने नियमों के तहत अधिकतम सम्मानजनक मुआवजा देने पर सहमति जताई है. सौरव दास ने भी कहा कि सरकार ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है.
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आंदोलन का समापन
सरकार द्वारा प्रमुख मांगें मान लेने और बाकी मुद्दों पर लिखित आश्वासन देने के बाद सीजेपी ने आंदोलन खत्म करने का फैसला किया. हालांकि पार्टी ने साफ किया है कि वे सरकार से उम्मीद करते हैं कि तय समयसीमा में सभी वादे पूरे किए जाएंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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