Dharmendra Pradhan Resignation: NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता भगवान शंकर दीपके ने कहा कि यह छात्रों के लिए राहत की बात है. उन्होंने माना कि सरकार ने युवाओं की आवाज सुनी और धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देकर बड़ा दिल दिखाया.
संभाजीनगर में रहते हैं माता-पिता
अभिजीत के माता-पिता भगवान शंकर और अनीता छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) में रहते हैं. अभिजीत ने जिस आंदोलन का नेतृत्व किया उसे देश के सबसे बड़े छात्र विरोध प्रदर्शनों में गिना जा रहा है. अनीता ने कहा कि उनके बेटे ने धैर्य से लड़ाई लड़ी उसे विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन इतनी कम उम्र में उसने बड़ी उपलब्धि हासिल की.
मंदिर में प्रार्थना
शनिवार सुबह भगवान शंकर महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में सिविल इंजीनियर रह चुके हैं. उन्होंने पंढरपुर गांव के एक मंदिर में देश की भलाई के लिए प्रार्थना किए.
‘थोड़ा वायरल हो गया’
अनीता ने शुक्रवार को वीडियो कॉल पर बेटे से बात की. अभिजीत ने मजाक में कहा कि मम्मी, थोड़ा वायरल हो गया. शुरुआत में उन्हें बेटे का आंदोलन पसंद नहीं आया था लेकिन बाद में उन्होंने देखा कि वह छात्रों के लिए लड़ रहा है. उनके पिता का कहना है कि अभिजीत राजनीति में कदम नहीं रखेगा.
परिवार का राजनीतिक इतिहास
भगवान शंकर ने बताया कि उनके परिवार में कभी कोई राजनीति में नहीं रहा. यहां तक कि सरपंच भी नहीं बना. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे आंदोलन बढ़ा अभिजीत ने उन्हें दिल्ली न आने की सलाह दी. वह मानते हैं कि बेटे का नाम इतनी दूर तक जाएगा यह उन्होंने कभी नहीं सोचा था. उनका सपना था कि अभिजीत सिविल सर्विसेज में जाए और UPSC पास करे.
नागपुर से वापसी
करीब एक महीने पहले अभिजीत नागपुर में CJP के कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौटा था. उनके घर के बाहर पुलिस की टीम तैनात है. अनीता का कहना है कि पुलिस उन्हें विरोध में शामिल न होने की सलाह देती है इसलिए वे घर पर ही रहते हैं.
क्रिकेट से दूरी
भगवान शंकर ने बताया कि उन्हें बेटे का क्रिकेट रोकना पड़ा. उनका मानना था कि देश में इतने क्रिकेटर हैं कि एक मध्यमवर्गीय लड़के का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा.
इंजीनियरिंग से पत्रकारिता तक
भगवान शंकर ने का कहना है कि अभिजीत छत्रपति संभाजीनगर के सरस्वती भुवन कॉलेज से पढ़ाई की और फिर पुणे के सिंहगढ़ इंस्टीट्यूट में इंजीनियरिंग में दाखिला लिया. उनका मन इंजीनियरिंग में नहीं लगा. वह पत्रकारिता पढ़ना चाहता था. पिता ने बताया कि उन्हें मेडिकल और इंजीनियरिंग की जानकारी थी लेकिन पत्रकारिता उनके लिए नया क्षेत्र था.
पत्रकारिता और सोशल मीडिया
अभिजीत ने पुणे के तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ से पत्रकारिता की पढ़ाई की और 2021 में ग्रेजुएशन पूरा किया. इसी दौरान उसने आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ भी काम किया.
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अमेरिका में पढ़ाई
बाद में उसने पब्लिक रिलेशन्स में आगे की पढ़ाई करने का फैसला किया. पिता ने शिक्षा लोन लेकर उसे अमेरिका भेजा. अभिजीत ने बोस्टन यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन से पब्लिक रिलेशन्स में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया.
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