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‘विकसित भारत–जी राम जी विधेयक’ के बीच कांग्रेस की रणनीति पर मंथन

कांग्रेस ने 27 दिसंबर को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की अहम बैठक बुलाई है. बैठक में मनरेगा के भविष्य और संसद से पारित ‘विकसित भारत–जी राम जी’ विधेयक के प्रभावों पर चर्चा के साथ आगामी राजनीतिक रणनीति तय की जाएगी.

Congress leaders during CWC
Edited by Sahil Singh

कांग्रेस पार्टी ने आगामी 27 दिसंबर को अपनी शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब संसद से विकसित भारत– जी राम जी विधेयक पारित हो चुका है और इसे लेकर देश की राजनीति में तेज बहस चल रही है. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के भविष्य और नए विधेयक के प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.

नए कानून पर विचार

मनरेगा कांग्रेस सरकार की एक प्रमुख और महत्वाकांक्षी योजना रही है, जिसे ग्रामीण गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है. कांग्रेस का मानना है कि इस कानून ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को रोजगार का अधिकार दिया और संकट के समय उनके लिए सहारा बना. ऐसे में ‘जी राम जी विधेयक’ के जरिए मनरेगा की जगह लेने के सरकार के फैसले को कांग्रेस एक बड़े वैचारिक और नीतिगत बदलाव के रूप में देख रही है.

सीडब्ल्यूसी (CWC) की बैठक में पार्टी इस बात पर विचार करेगी कि नए कानून से ग्रामीण मजदूरों, राज्यों की वित्तीय स्थिति और संघीय ढांचे पर क्या असर पड़ेगा. साथ ही, यह भी तय किया जाएगा कि संसद के भीतर और बाहर पार्टी किस तरह से अपना विरोध दर्ज कराएगी. कांग्रेस पहले ही इस विधेयक को लेकर सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और महात्मा गांधी के नाम को योजनाओं से हटाने का आरोप लगा चुकी है.

राजनीतिक रणनीति पर होगी चर्चा

बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है. इसमें जन आंदोलन, राज्यों में कार्यक्रम, सहयोगी दलों के साथ समन्वय और आम जनता तक अपनी बात पहुंचाने के तरीके शामिल हो सकते हैं. कांग्रेस नेतृत्व यह भी आकलन करेगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस मुद्दे को किस तरह उठाया जाए, ताकि मजदूरों और किसानों की चिंताओं को प्रभावी ढंग से सामने रखा जा सके.


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कुल मिलाकर, 27 दिसंबर की सीडब्ल्यूसी बैठक कांग्रेस के लिए बेहद अहम मानी जा रही है. यह बैठक न सिर्फ मनरेगा और ‘विकसित भारत–जी राम जी विधेयक’ पर पार्टी की आधिकारिक लाइन तय करेगी, बल्कि आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और संघर्ष की रूपरेखा भी स्पष्ट करेगी.

-भारत एक्सप्रेस



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