प्रशांत त्यागी, दिल्ली
Congress social justice strategy: आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी ने अपनी सामाजिक रणनीति को लेकर निर्णायक कदम उठाया है. पार्टी ने तय किया है कि अब सामाजिक न्याय केवल नारा नहीं रहेगा बल्कि इसे ठोस राजनीतिक नीति का रूप दिया जाएगा. ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ के सिद्धांत को कांग्रेस ने चुनावी रणनीति का आधार बनाया है. सूत्रों के मुताबिक, टिकट वितरण में कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सेदारी अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक समुदायों को दी जाएगी.
वंचित वर्गों को मिलेगी भूमिका
कांग्रेस का मानना है कि लंबे समय से राजनीति में वंचित रहे वर्गों को निर्णायक भूमिका देना जरूरी है. इससे लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी और समाज की वास्तविक संरचना सत्ता और संगठन में दिखेगी.
मीडिया में भी बदलाव
पार्टी अब मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपनी आवाज रखने वाले चेहरों में भी बड़ा बदलाव करने जा रही है. सूत्र बताते हैं कि प्रवक्ताओं के चयन में पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता दी जाएगी. कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि जब पार्टी का चेहरा समाज के हर वर्ग से जुड़ेगा तभी सामाजिक न्याय का संदेश प्रभावी ढंग से जमीन तक पहुंचेगा.
रणनीति का मकसद
राहुल गांधी पहले ही कई मंचों से जातिगत असंतुलन और प्रतिनिधित्व की कमी पर सवाल उठाते रहे हैं. यह फैसला कांग्रेस की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए पार्टी पिछड़े, दलित और आदिवासी मतदाताओं को दोबारा अपने साथ जोड़ना चाहती है. बीते वर्षों में इन वर्गों का बड़ा हिस्सा अन्य दलों की ओर गया है. कांग्रेस अब हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व के जरिए उनका भरोसा वापस पाने की कोशिश कर रही है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


