Congress bungalow notice: केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन गई है. इस बार मामला दो सरकारी बंगलों को खाली करने से जुड़ा है. कांग्रेस नेताओं ने बताया कि केंद्र ने पार्टी को नोटिस भेजकर 24 अकबर रोड स्थित मुख्यालय और 5 रायसीना रोड पर इंडियन यूथ कांग्रेस का ऑफिस शनिवार, 28 मार्च तक खाली करने को कहा है.
नोटिस और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, ये नोटिस 13 मार्च को भेजे गए थे. पार्टी अब इस बेदखली के खिलाफ अदालत जाने पर विचार कर रही है. दरअसल, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय की 2006 की नीति के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर की पार्टियों को जमीन आवंटित की जा सकती है. लेकिन शर्त यह है कि जमीन मिलने के बाद तीन साल के भीतर उन्हें पहले से मिले सरकारी बंगलों को खाली करना होगा.
नया मुख्यालय और पुराना कब्जा
कांग्रेस को दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर जमीन मिली थी, जहां 2009 में निर्माण शुरू हुआ. ‘इंदिरा भवन’ नाम की यह इमारत 2025 में तैयार हुई और इसे नया मुख्यालय बनाया गया. इसके बावजूद पार्टी ने अकबर रोड और रायसीना रोड के बंगलों पर कब्जा बनाए रखा.
पुराने आवंटन का रद्द होना
RTI से मिले दस्तावेजों के अनुसार, कांग्रेस को मिले तीन टाइप-VIII बंगलों का आवंटन 26 जून 2013 को ही रद्द कर दिया गया था. इनमें 5 रायसीना रोड, 24 अकबर रोड और 26 अकबर रोड शामिल थे. पार्टी ने 26 अकबर रोड वाला बंगला खाली कर दिया था, जहां पहले सेवा दल का दफ्तर था.
बीजेपी का उदाहरण
बीजेपी ने भी लंबे समय तक अपने पुराने ऑफिस पर कब्जा बनाए रखा. 11 अशोक रोड स्थित बंगले का आवंटन 2017 में रद्द हुआ, लेकिन पार्टी ने 2018 में DDU मार्ग पर नया ऑफिस बनाने के बाद भी 2024 तक पुराने बंगले का इस्तेमाल किया. बाद में यह बंगला बीजेपी सांसद को आवंटित कर दिया गया.
नीति क्या कहती है?
2006 की नीति के मुताबिक, किसी भी पार्टी को जमीन मिलने के बाद उसे तीन साल के भीतर पुराने सरकारी बंगले खाली करने होते हैं. जमीन लीज पर दी जाती है और इसे फ्री-होल्ड में बदलने का अधिकार नहीं होता. अगर पार्टी प्रीमियम या किराया चुकाने में नाकाम रहती है, तो आवंटन रद्द किया जा सकता है.
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सरकार का रुख
सरकारी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने इस नीति का उल्लंघन किया. 2022 में तत्कालीन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि सभी राजनीतिक दलों को अपने बंगलों को खाली करना होगा. उन्होंने साफ किया था कि यह प्रक्रिया सभी पार्टियों पर लागू होगी और धीरे-धीरे पूरी की जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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