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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लंच मेन्यू में ‘बीफ बिरयानी’ को लेकर विवाद, यूनिवर्सिटी ने कहा- ‘Typo’ हो गया

‘बीफ बिरयानी’ वाले नोटिस को लेकर विश्वविद्यालय में हंगामा मचने के बाद AMU प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इसमें “टाइपिंग की गलती” है. साथ ही आश्वासन दिया कि जिम्मेदार लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

Aligarh Muslim University AMU

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी. (फोटो: IANS)

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के सर शाह सुलेमान हॉल में रविवार (9 फरवरी) को दोपहर के भोजन में ‘बीफ बिरयानी’ परोसने का नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. कथित तौर पर यूनिवर्सिटी के दो अधिकृत व्यक्तियों द्वारा जारी किए गए नोटिस में लिखा है, “रविवार के दोपहर के भोजन के मेनू में बदलाव किया गया है और मांग के अनुसार चिकन बिरयानी के बजाय बीफ बिरयानी परोसी जाएगी.”

नोटिस को लेकर विश्वविद्यालय में हंगामा मचने के बाद AMU प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इसमें “टाइपिंग की गलती” है. साथ ही आश्वासन दिया कि जिम्मेदार लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

यूनिवर्सिटी ने अनजाने में हुई गलती बताया

पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सर शाह सुलेमान हॉल के छात्रों को नोटिस मिला, जिसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया गया. शुरुआत में AMU प्रशासन ने कोई बयान देने से परहेज किया. हालांकि, जब मामला बढ़ा तो यूनिवर्सिटी ने इसे “अनजाने में हुई गलती” बताते हुए खुद को इससे अलग कर लिया.

यूनिवर्सिटी ने कहा कि “मामला हमारे संज्ञान में लाया गया. हमने पाया कि नोटिस भोजन मेन्यू के बारे में था. हालांकि, इसमें साफ तौर टाइपिंग की गलती थी. नोटिस को तुरंत वापस ले लिया गया,  क्योंकि नोटिस में कोई आधिकारिक हस्ताक्षर नहीं थे, जिससे इसकी प्रामाणिकता पर संदेह पैदा हो रहा था.”

यूनिवर्सिटी ने ये भी बताया, “हमारे प्रोवोस्ट ने (नोटिस जारी करने के लिए) जिम्मेदार दो वरिष्ठ छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. हम विश्वविद्यालय के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं.”

प्रशासन कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दे रहा

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता और एएमयू के पूर्व छात्र निशित शर्मा ने मामले से निपटने के विश्वविद्यालय के तरीके की आलोचना की. उन्होंने ने आरोप लगाया, “इसमें प्रशासन की भूमिका शर्मनाक है. सर शाह सुलेमान हॉल में एक नोटिस प्रसारित किया गया था जिसमें कहा गया था कि चिकन बिरयानी के बजाय बीफ बिरयानी परोसी जाएगी. नोटिस को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया. इसको देखना सीनीयर फूड कमेटी के सदस्यों की जिम्मेदारी थी. इस तरह की घटना से पता चलता है कि प्रशासन कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दे रहा है और छात्रों के दुर्व्यवहार को छुपा रहा है.”


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-भारत एक्सप्रेस



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