देश

‘जजों की तुलना भगवान से करना उचित नहीं’, CJI बोले- अदालतों को न्याय का मंदिर कहना गलत, जज देवता नहीं हैं

CJI Dy Chandrachud Statement: भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने आज कहा कि जजों की तुलना भगवान से करने की परंपरा खतरनाक है, क्योंकि जजों की जिम्मेदारी आम लोगों के हित में काम करने की है.

सीजेआई चंद्रचूड़ ने यहां नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी के क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “अक्सर हमें ऑनर या लॉर्डशिप या लेडीशिप कहकर संबोधित किया जाता है. जब लोग अदालत को न्याय का मंदिर बताते हैं तो इसमें एक बड़ा खतरा है. बड़ा खतरा है कि हम खुद को उन मंदिरों में बैठे भगवान मान बैठें.”

सीजेआई ने कहा कि जब उनसे कहा जाता है कि अदालत न्याय का मंदिर होता है तो वह कुछ बोल नहीं पाते हैं क्योंकि मंदिर का मतलब है कि जज भगवान की जगह हैं.

जजों का काम लोगों की सेवा करना है

उन्होंने कहा, “बल्कि मैं कहना चाहूंगा कि जजों का काम लोगों की सेवा करना है. और जब आप खुद को ऐसे व्यक्ति के रूप में देखेंगे जिनका काम लोगों की सेवा करना है तो आपके अंदर दूसरे के प्रति संवेदना और पूर्वाग्रह मुक्त न्याय करने का भाव पैदा होगा.”

उन्होंने कहा कि किसी क्रिमिनल केस में भी सजा सुनाते समय जज संवेदना के साथ ऐसा करते हैं क्योंकि अंततः किसी इंसान को सजा सुनाई जा रही है.

‘संवैधानिक नैतिकता की ये अवधारणाएं महत्वपूर्ण’

सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, “इसलिए मेरा मानना है कि संवैधानिक नैतिकता की ये अवधारणाएं महत्वपूर्ण हैं – न सिर्फ सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जजों के लिए बल्कि जिला स्तर के जजों के लिए भी क्योंकि न्यायपालिका के साथ आम लोगों का पहला संपर्क जिले की न्याय व्यवस्था के साथ ही शुरू होता है.”

उन्होंने न्यायपालिका के कामकाज में टेक्नोलॉजी के महत्व पर भी जोर दिया. सीजेआई चंद्रचूड़ के अनुसार, आम लोगों द्वारा फैसले तक पहुंच और इसे समझने में भाषा सबसे बड़ी बाधा है.

‘कुछ चीजों का समाधान देती है टेक्नोलॉजी’

उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी कुछ चीजों का समाधान प्रदान कर सकता है. ज्यादातर फैसले अंग्रेजी में लिखे जाते हैं. टेक्नोलॉजी ने हमें उनका अनुवाद करने में सक्षम बनाया है. हम 51,000 फैसलों का दूसरी भाषाओं में अनुवाद कर रहे हैं.”

– भारत एक्‍सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

एआई क्रांति पर धनवर्षा! 2026 में 49.5% बढ़ेगा ग्लोबल खर्च, 2.7 ट्रिलियन डॉलर पहुंचेगा बजट

Global AI Spending: गार्टनर की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)…

4 hours ago

UCC के खिलाफ क्यों खड़ी है देश की सबसे पुरानी पार्टी? कांग्रेस ने दिए 4 बड़े तर्क

समान नागरिक संहिता (UCC) पर कांग्रेस का विरोध क्यों है? 21वें विधि आयोग की रिपोर्ट…

4 hours ago

Explainer: नए UPI फ्रेमवर्क में P2P लेन-देन पूरी तरह फ्री, ₹2000 से कम के मर्चेंट पेमेंट पर भी नहीं लगेगा MDR

New UPI Guidelines: वित्त मंत्रालय ने नए यूपीआई फ्रेमवर्क पर स्थिति साफ करते हुए कहा…

4 hours ago

कोलकाता के छोटे कमरे से हर भारतीय रसोई तक: जानिए कैसे बनी देश की सबसे पुरानी बिस्किट कंपनी ‘ब्रिटानिया’

महज 295 रुपये से शुरू होकर 1.21 लाख करोड़ की कंपनी बनने वाली ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज…

4 hours ago

बज़्म-ए-सहाफ़त: नए भारत की बात, उर्दू के साथ, भारत एक्सप्रेस उर्दू का नेशनल कॉन्क्लेव

NEW DELHI: ‘बज़्म-ए-सहाफ़त’ का तीसरा संस्करण 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल…

5 hours ago