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Chief Justice of India

हरियाणा के हिसार जिले के पेटवर गांव से जन्मे जस्टिस सूर्यकांत अब देश के मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे हैं। 24 नवंबर 2025 को वे 53वें सीजेआई के रूप में पद संभालेंगे। उनका करियर हाई कोर्ट से शुरू होकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा

मुख्य न्यायाधीश BR Gavai ने रत्नागिरी के मंडणगड में नए कोर्ट भवन का उद्घाटन किया. इस दौरान डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा का भी अनावरण किया गया. मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में ग्रामीण को न्याय एवं उनके सशक्तिकरण पर जोर दिया.

भारत के लॉ शिक्षा के अग्रदूत प्रोफ़ेसर एनआर माधव मेनन की स्मृति में और अगले 25 वर्षों के लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए प्रथम प्रोफ़ेसर एनआर माधव मेनन स्मृति व्याख्यान का उद्घाटन किया गया.

कार्यक्रम के दौरान सीजेआई बीआर गवई ने कहा कि मैं आज जहां हूं, वह सब भारतीय संविधान और डॉ. अंबेडकर के दृष्टिकोण के कारण ही, मैं इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन हो सका.

Justice B.R. Gavai Chief Justice of India: लंदन में भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने वैश्विक मध्यस्थता में भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने संस्थागत मध्यस्थता और तकनीक के योगदान पर भी जोर दिया.

बुधवार को प्रधानमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुआ. उन्हें उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं.

बीआर गवई से पहले जी बालाकृष्णन 2007 में मुख्य न्यायाधीश बने थे. जो अनुसूचित जाति थे. वो तीन साल तक इस पद पर रहे. सुप्रीम कोर्ट की स्थापना 1950 में हुई थी.

भारत के पहले बौद्ध मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे जस्टिस बी. आर. गवई ने न्यायपालिका, भारत-पाक तनाव, ऑपरेशन सिंदूर, आतंकी हमले और रिटायरमेंट के बाद पद न लेने जैसे मुद्दों पर रखे अपने विचार.

देश के अगले मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे जस्टिस बी.आर. गवई ने युद्ध, आतंकवाद और राष्ट्रीय जिम्मेदारी पर अपनी स्पष्ट राय रखी. उन्होंने कहा कि युद्ध कोई समाधान नहीं, बल्कि पीड़ा का रास्ता है.

Justice BR Gavai New CJI: जस्टिस बी. आर. गवई 14 मई को 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ लेंगे. वे वर्तमान CJI संजीव खन्ना की सेवानिवृत्ति के बाद यह पद संभालेंगे.