बदरिया महोत्सव 2026 में CMD उपेंद्र राय
“संस्कृति हमारे रोम-रोम में बसी है और यह हमारी आत्मा से उपजी है. यदि हम मनुष्य हैं, तो हमारे भीतर संस्कृति का जीवित रहना अनिवार्य है क्योंकि यही मनुष्यता और अंतरात्मा की करुणा का असली परिचायक है.” यह भावपूर्ण विचार ‘भारत एक्सप्रेस’ के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित ‘बदरिया 2026’ के मंच से व्यक्त किए. ‘माता चकेरी देवी फाउंडेशन’ और दिल्ली सरकार की मैथिली-भोजपुरी अकादमी द्वारा आयोजित इस मानसून विदाई महोत्सव में उन्होंने कला, मानवीय संवेदना और सामाजिक समरसता पर विस्तार से बात की.
कला और संस्कृति ही मानवीय करुणा का आधार
अपने प्रेरक संबोधन में सीएमडी उपेंद्र राय ने कहा कि किसी भी समाज का असली वैभव उसकी सांस्कृतिक चेतना में निहित होता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कला और संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये मनुष्य को संवेदनशील और करुणामय बनाए रखते हैं. उन्होंने कहा कि
“जिस कला और संस्कृति से हम आज परिचित हो रहे हैं, वह हमारे भीतर से निकली है. अगर हमारे अंदर से संस्कृति और परंपरा का लोप हो जाए, तो मनुष्यता का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा. इसलिए संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सबका नैतिक दायित्व है.”
आयोजकों के समर्पण और तपस्या को नमन
महानगरों में ऐसे विशाल और गैर-व्यावसायिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की चुनौतियों का जिक्र करते हुए सीएमडी उपेंद्र राय ने पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में लोक परंपराओं को समर्पित ऐसा भव्य मंच सजाना किसी कठिन ‘तपस्या’ से कम नहीं है. उन्होंने मंच से फाउंडेशन की अध्यक्षा योगिता दीदी, संस्थापक बृजेश राय, संतोष जी, राजीव जी, कृष्णदेव सिंह और राधेश्याम यादव सहित पूरी आयोजन समिति का आभार जताया और कहा कि इस पूरी टीम ने पूर्वांचल की आत्मा को देश की राजधानी के केंद्र में स्थापित कर दिया है.

सांस्कृतिक एकता का केंद्र बना ‘बदरिया 2026’
‘बदरिया: एक मानसून विदाई महोत्सव 2026‘ में उत्तर भारत की समृद्ध संगीत परंपरा की गूंज सुनाई दी. पद्मश्री मालिनी अवस्थी के ठुमरी और कजरी गायन से लेकर चंदन तिवारी और प्रिया मल्लिक के पारंपरिक मैथिली व भोजपुरी गीतों तक, पूरा माहौल लोक रस में डूब गया. ऋषि सिंह, समृद्ध पाठक और सात्विक पाठक की युवा ऊर्जा ने यह साबित कर दिया कि पारंपरिक संगीत आज की युवा पीढ़ी को भी उतनी ही गहराई से जोड़ता है.

2025 की नींव और आगे बढ़ता कारवां
इस महोत्सव का पहला संस्करण 1 सितंबर 2025 को एनडीएमसी/सेंट्रल पार्क में सफलतापूर्वक किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सांस्कृतिक मंत्री कपिल मिश्रा ने शिरकत की थी. तब से लेकर आज तक ‘बदरिया’ दिल्ली के सांस्कृतिक कैलेंडर का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है. भारत एक्सप्रेस बतौर मीडिया पार्टनर इस पूरे महाकुंभ का सीधा प्रसारण दर्शकों तक लेकर आया.
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