Bharat Express DD Free Dish

जाते-जाते बंगालियों से क्या बोल गए सीवी आनंद बोस? बताया आगे का प्लान; चर्चा में लोकभवन का पोस्ट

CV Ananda Bose To Bengali: पश्चिम बंगाल की सियासत में उस समय बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया. अब उन्होंने राजवन की ओर से किए गए पोस्ट के जरिए बंगालियों से कुछ बातें कही हैं.

CV Ananda Bose To Bengali

CV Ananda Bose To Bengali: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है. वर्तमान में दिल्ली दौरे पर मौजूद बोस ने अपना इस्तीफा सीधे राष्ट्रपति भवन भेजा, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. उनके जाने के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को बंगाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. इस विदाई के बीच कोलकाता स्थित ‘लोकभवन’ (राजभवन) के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सबका ध्यान खींचा है, जिसमें बोस ने बंगाल की जनता के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है.

आनंद बोस का भावुक संदेश (CV Ananda Bose Message)

इस्तीफे के बाद सीवी आनंद बोस ने बंगाल की जनता और राष्ट्रीय नेतृत्व के नाम एक संदेश साझा किया. उन्होंने अपने उत्तराधिकारी आरएन रवि को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें एक ‘शानदार पब्लिक एडमिनिस्ट्रेटर’ बताया. उन्होंने लिखा कि-

‘पश्चिम बंगाल में मेरी पारी खत्म हो रही है. बंगाल के महान लोगों ने मुझे जो प्यार और सम्मान दिया, उसके लिए मैं उनका बहुत आभारी हूं. मैंने साढ़े तीन साल यहाँ सेवा की, जो मेरे लिए पर्याप्त समय है.’

क्या है आगे का प्लान? (CV Ananda Bose Plan)

अपने भविष्य की योजना का खुलासा करते हुए आनंद बोस ने साफ किया कि वे अब अपने गृह राज्य केरलम की सेवा करेंगे. उन्होंने कहा कि मैं ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पाने के लिए अब राष्ट्रीय नेतृत्व (पीएम मोदी और अमित शाह) के मार्गदर्शन में काम करूंगा. अपने गृह राज्य केरल को ‘पवित्र कर्तव्य’ बताते हुए कहा कि वे अब वहां के लोगों के विकास के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे.

ममता बनर्जी का तीखा वार (Mamata Banerjee On CV Ananda Bose)

राज्यपाल के अचानक इस्तीफे और नए राज्यपाल की नियुक्ति पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी नाराजगी जताई है. ममता ने आरोप लगाया कि नए राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर उनसे कोई सलाह नहीं ली गई, जो संघीय ढांचे के खिलाफ है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दावा किया कि भाजपा और केंद्र सरकार ने बोस पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया, क्योंकि वे बंगाल में समय से पहले चुनाव कराने या राष्ट्रपति शासन लगाने के पक्ष में नहीं थे.

ये भी पढ़ें: रेप पीड़िता को मिली न्याय मांगने की सजा! 12 साल का बहिष्कार, दारू-बकरा पार्टी का फरमान; पंचायत ने रगड़ा नमक

सीवी आनंद बोस का जाना और आरएन रवि जैसे सख्त प्रशासक का बंगाल की कमान संभालना यह संकेत देता है कि आने वाले चुनाव बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं. आनंद बोस जहां अब केरल में अपनी नई राजनीतिक जमीन तलाशेंगे, वहीं बंगाल में राजभवन और राज्य सरकार के बीच का टकराव एक नए मोड़ पर पहुंच गया है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read