Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

साइबर अपराध सिंडिकेट का भंडाफोड़: चीनी नागरिकों से सीधे संपर्क में था आरोपी, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों की ठगी

दिल्ली साइबर क्राइम पुलिस ने चीनी नागरिकों से जुड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ कर सूरत से मुख्य आरोपी अलीश नजमुद्दीन हिरानी को गिरफ्तार किया, जो फर्जी ऐप्स के जरिए निवेश के नाम पर ठगी करता था.

Cyber Crime

दिल्ली आउटर नॉर्थ जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने एक संगठित साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी, अलीश नजमुद्दीन हिरानी को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया गया. यह आरोपी टेलीग्राम के जरिए चीनी नागरिकों से सीधे संपर्क में था और उनके फर्जी खातों के माध्यम से भारत में साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था. 27 सितंबर 2024 को गुल राज नामक व्यक्ति ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी.

शिकायतकर्ता ने यूट्यूब वीडियो देखकर एक वॉट्सएप ग्रुप जॉइन किया था. इसके बाद आरोपियों ने उन्हें एक ऐप को डाउनलोड कर उसमें निवेश करने का झांसा दिया था. पीड़ित ने कुल 1,42,200 रुपये निवेश किए थे. उसके बाद ऐप ने उन्हें 15 लाख का फर्जी मुनाफा दिखाया और मुनाफा निकालने के लिए 20% सेवा शुल्क मांगा गया. इसके बाद ऐप को बंद कर दिया गया.

शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच के लिए एसीपी/ओपीएस जोगिंदर सिंह और इंस्पेक्टर रमन कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. शिकायतकर्ता की रकम अंबाला एंटरप्राइजेज नामक खाते में ट्रांसफर हुई. आगे यह राशि परमार ट्रेडिंग के खाते में भेजी गई. पुलिस की जांच में यह पता चला कि परमार ट्रेडिंग के खाते में करीब 1.1 करोड़ रुपये जमा हुए थे, जिन्हें अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया था. इसके बाद पुलिस ने तुरंत इन खातों को फ्रीज कर दिया.

पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद गुजरात के सूरत में छापा मारकर आरोपी अलीश नजमुद्दीन हिरानी को गिरफ्तार किया. आरोपी पीड़ितों को WhatsApp ग्रुप के माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग का झांसा देकर फंसाते थे और निवेश के लिए मोबाईल ऐप का उपयोग करावाते थे. जिसमें फर्जी लाभ दिखाकर और मुनाफा निकालने के लिए अतिरिक्त शुल्क मांगकर ठगी की जाती थी और पैसा मिलने के बाद ऐप को बंद कर दिया जाता.

ये भी पढ़ें- Noida: 5 साल की मासूम से दुष्कर्म की कोशिश करने वाला आरोपी मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

आरोपी का नाम अलीश नजमुद्दीन हिरानी (21 वर्ष) है. जो उधना सूरत, गुजरात का रहने वाला है. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दुबई में 2-3 महिने चीनी कॉल सेंटर में काम कर चुका है. जहां उसे फर्जी खातों की व्यवस्था और धन शोधन के तरीके सिखाए गए थे. उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किए गये मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है. फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कार्वाई में जुट गई है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital