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‘हां, कंटेनरों में वही मांस था…’ विसरा लैब की रिपोर्ट ने दौसा प्रशासन की उड़ाई नींद, आधीरात चला ‘डिस्ट्रॉय ऑपरेशन’

Dausa meat smuggling case: दौसा के बांदीकुई में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 22 मई को पकड़े गए 2 कंटेनरों में गोमांस होने की पुष्टि हुई है. एसपी पीयूष दीक्षित ने रिपोर्ट पॉजिटिव आने की पुष्टि की. इसके बाद कलेक्टर के आदेश पर काटरवाड़ा में देर रात भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मांस को डिस्ट्रॉय किया गया.

Dausa meat smuggling case

Dausa meat smuggling case: दौसा/नतांश पटेल: राजस्थान के दौसा जिले से तस्करी और क्राइम की एक ऐसी भयंकर इनसाइड स्टोरी सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Expressway) पर जिन दो संदिग्ध कंटेनरों को पकड़ा गया था, उनका खौफनाक सच अब दुनिया के सामने आ गया है. पुलिस द्वारा विसरा लैब भेजे गए मांस पैकेटों के सैंपल की रिपोर्ट ‘पॉजिटिव’ आ गई है! एसपी पीयूष दीक्षित ने खुद इस बात की पुष्टि कर दी है कि कंटेनरों में भरा मांस गोवंश का ही था. रिपोर्ट आते ही दौसा प्रशासन एक्शन में आ गया और रातों-रात एक बड़ा ‘डिस्ट्रॉय ऑपरेशन’ चलाया गया.

गौरक्षकों का जाल और एक्सप्रेस-वे पर घिरे तस्कर

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 22 मई 2026 को हुई थी. झालावाड़, किशनगढ़, जयपुर और दौसा के गौरक्षकों ने एक गुप्त सूचना के आधार पर एक्सप्रेस-वे पर जाल बिछाया था. एक शानदार ‘संयुक्त कार्रवाई’ करते हुए उन्होंने बांदीकुई क्षेत्र में दो संदिग्ध कंटेनरों को धर दबोचा.

गौरक्षकों को पक्का शक था कि इन कंटेनरों में गाय का मांस (गोमांस) भरकर ले जाया जा रहा है. भारी हंगामे के बीच दोनों वाहनों को तुरंत बांदीकुई पुलिस के हवाले कर दिया गया. मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस ने बिना कोई देरी किए मांस के पैकेटों का सैंपल जांच के लिए विसरा लैब (Viscera Lab) भेज दिया था.

जेसीबी से खोदा गया विशाल गड्ढा

जैसे ही विसरा लैब से ‘पॉजिटिव’ रिपोर्ट पुलिस के हाथ लगी, प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई. माहौल बिगड़ने की आशंका और कानूनी प्रक्रिया के तहत, दौसा कलेक्टर ने तुरंत कड़े आदेश जारी किए. देर रात काटरवाड़ा क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया. वहां भारी पुलिस जाब्ते और बड़ी संख्या में मौजूद गौरक्षकों की कड़ी निगरानी में एक ‘सीक्रेट ऑपरेशन’ शुरू हुआ. प्रशासन ने मौके पर भारी-भरकम जेसीबी मशीनें बुलाईं, एक बहुत बड़ा और गहरा गड्ढा खुदवाया गया और ट्रकों में भरे मांस के पैकेटों को उसी गड्ढे में डालकर मिट्टी के नीचे हमेशा के लिए दफना (डिस्ट्रॉय) दिया गया.

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अब तस्करों की खैर नहीं

इस पूरे ‘डिस्ट्रॉय ऑपरेशन’ के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद थी कि वहां परिंदा भी पर न मार सके. रात के अंधेरे में ही पुलिस और प्रशासन ने अपना काम पूरी मुस्तैदी से निपटा लिया. मांस नष्ट होने के बाद अब दौसा पुलिस इस हाई-प्रोफाइल तस्करी रैकेट के मास्टरमाइंड और नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है. लैब की पॉजिटिव रिपोर्ट अब तस्करों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बनेगी और मामले में आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है.



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