Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर पीएम मोदी का संदेश, बोले- अंत्योदय ही राष्ट्र निर्माण का आधार

Deendayal Upadhyaya Jayanti: दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर पीएम मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और अंत्योदय को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया. उन्होंने प्रयास और पुरुषार्थ पर संस्कृत सुभाषित भी साझा किया.

Deendayal Upadhyaya Jayanti Pm modi

दीनदयाल उपाध्याय जयंती

Deendayal Upadhyaya Jayanti: पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का जीवन बेहतर बनाना ही सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माण का रास्ता है.

प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में पंडित दीनदयाल उपाध्याय को राष्ट्रसेवा का सच्चा साधक बताया. उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय की ऐसी विचारधारा सामने रखी, जिसमें समाज के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति के कल्याण को प्राथमिकता दी गई. पीएम मोदी ने लोगों से उनके विचारों और आदर्शों को अपनाने तथा सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों को पूरा करने का संकल्प लेने की अपील की.

पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत श्लोक

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया. इसका संदेश कर्म और पुरुषार्थ के महत्व पर केंद्रित है. श्लोक का भावार्थ है कि व्यक्ति जितना अधिक प्रयास करता है, सफलता उतनी ही जल्दी उसके करीब आती है. यानी सिर्फ भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय मेहनत, साहस और नए विचारों को अमल में लाना जरूरी है.

बताया गया है कि यह श्लोक योगवासिष्ठ से लिया गया है. यह ग्रंथ अद्वैत वेदांत की प्रमुख कृतियों में गिना जाता है और इसमें आत्मज्ञान, जीवन, कर्म तथा मोक्ष जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा मिलती है.


ये भी पढ़ें: दिल्ली SIR में VVIPs की जांच पूरी, आडवाणी-जयशंकर समेत किसी का नहीं कटेगा नाम


एक दिन पहले भी साझा किया था श्लोक

पीएम मोदी ने इससे एक दिन पहले भी संस्कृत का एक सुभाषित साझा किया था. इसमें ऐसी वाणी बोलने की सीख दी गई है, जो सत्य होने के साथ-साथ प्रिय और हितकारी भी हो. संदेश में स्वाध्याय और चिंतन को भी महत्वपूर्ण बताया गया था. पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के प्रमुख संस्थापक नेताओं में शामिल थे. उनके विचारों में समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर रहा.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital