रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गगनयात्रियों को किया सम्मानित.
भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन ‘गगनयान’ के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों (ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, प्रशांत बालकृष्णन नायर, अजीत कृष्णन और अंगद प्रताप) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सम्मानित किया.
ये सम्मान समारोह रविवार को नई दिल्ली के सुब्रतो पार्क स्थित एयर फोर्स ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया. कार्यक्रम में वायुसेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान भी मौजूद रहे.
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने मिशन प्रशिक्षण और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्हें भी इस कार्यक्रम के दौरान विशेष सम्मान प्रदान किया गया. यह सम्मान शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में उनकी भागीदारी के बाद दिया गया.
Rajnath Singh ने क्या कहा?
गगनयात्रियों को सम्मानित करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अपने संबोधन में कहा, “प्रशिक्षण के दौरान आप सभी ने जो स्वभाव दिखाया, वह न केवल अपने आप में प्रभावशाली था, बल्कि मैं तो कहूंगा कि उत्कृष्ट था. मुझे भारत माता के सपूत, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और उनके अन्य साथियों, ग्रुप कैप्टन पीवी नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन और ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप का स्वागत और अभिनंदन करते हुए सचमुच गर्व महसूस हो रहा है. सभी देशवासियों को आप सभी पर गर्व है. और उन्हें गर्व इसलिए है क्योंकि आप सभी ने देशवासियों को गौरवान्वित किया है.”
#WATCH रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गगनयात्रियों के सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और उनके अन्य सहयोगियों ग्रुप कैप्टन पी वी नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन और ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप का अभिनंदन किया।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और… pic.twitter.com/Kplr4yW0Np
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 24, 2025
चंद्र मिशन से लेकर मंगल अन्वेषण तक भारत की उल्लेखनीय अंतरिक्ष यात्रा पर प्रकाश डालते हुए, रक्षा मंत्री ने गगनयान मिशन को आत्मनिर्भर भारत का प्रमाण बताया , जो वैश्विक अंतरिक्ष शक्तियों के बीच ऊंचा स्थान रखता है. उन्होंने कहा, “आज जब हम भारत की अंतरिक्ष यात्रा की ओर देखते हैं, तो पाते हैं कि हमारा योगदान सिर्फ़ अंतरिक्ष में उपग्रह भेजने तक ही सीमित नहीं है. आज भारत चंद्रमा से लेकर मंगल ग्रह तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है. आज भारत गगनयान जैसे मिशन के लिए भी पूरी तरह तैयार है. मैं इसे सिर्फ़ एक तकनीकी उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के एक नए अध्याय के रूप में देखता हूं, जहां हम दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष शक्तियों के बीच पूरे गौरव के साथ खड़े हैं.”
“अंतरिक्ष शोध मानव सभ्यता की दिशा बदल देंगे”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा, “भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम प्रयोगशालाओं और प्रक्षेपण यान तक सीमित नहीं है. यह हमारी राष्ट्रीय आकांक्षाओं और वैश्विक दृष्टि का प्रतीक है. भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट है. हम अंतरिक्ष को केवल अनुसंधान के क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, ऊर्जा और कल की मानवता के भविष्य के रूप में देखते हैं. आने वाले समय में, अंतरिक्ष खनन, गहन अंतरिक्ष अन्वेषण और ग्रहीय संसाधन मानव सभ्यता की दिशा बदल देंगे.”
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राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अपने निजी जुड़ाव का ज़िक्र करते हुए कहा, “मैं लखनऊ संसदीय क्षेत्र से आता हूँ और शुभांशु शुक्ला भी वहीं से हैं. वो हमारे मतदाता भी हैं. चालीस साल पहले जब राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, उसके कुछ समय बाद ही शुभांशु शुक्ला का जन्म हुआ था. उनके मन में एक सपना जन्मा था – एक दिन आसमान से धरती को देखने का. आज चालीस साल बाद शुभांशु का बचपन का सपना साकार हुआ है और भारत ने एक बार फिर अंतरिक्ष में अपना परचम लहराया है.”
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2018 को गगनयान कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की, जिससे भारत स्वदेशी क्षमताओं का उपयोग करके अपने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की राह पर अग्रसर हो गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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