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“अगर धांधली हुई भी…तो क्या केंद्र सरकार सो रही है”, नकली दवाई सप्लाई पर AAP ने राज्यपाल वीके सक्सेना पर साधा निशाना

Delhi drug scam: लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. शराबनीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने पहले ही तीसरी बार समन जारी दिया है. वहीं अब राज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली सरकार द्वारा अस्पतालों के लिए खरीदी गई दवाइयों के मामले में सीबीआई को जांच के आदेश दे दिए हैं. इसके बाद से आप और बीजेपी के बीच फिर से बवाल खड़ा हो गया है. बीजेपी नेता और सांसद रमेश बिधूड़ी ने सीएम केजरीवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने दिल्ली के लोगों की मौत का सौदा किया है. वहीं इसके बाद अब आप दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इसका पलटवार किया है. उन्होंने इस मामले पर केंद्र सरकार को आरोपी ठहराया है. व

वहीं सांसद रमेश बिधूड़ी ने आगे कहा कि दिल्ली में नकली दवाइयां सप्लाई की गई है. सब कुछ जांच में सामने आएगा कब तक केजरीवाल भागेंगे? अगर शराब घोटाला में कुछ गलत नहीं है, तो उनके नेताओं को बेल क्यों नहीं मिल रही है? क्यों बार-बार बेल खारिज हो रही है?

सौरभ भारद्वाज का पलटवार

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि- मैं खुद दवाओं की जांच नहीं कर सकता हूं. मैं सिर्फ निर्देश दे सकता हूं और मैंने वह दिया है. मैंने कहा है कि एक अधिकारी अपना काम ठीक से नहीं कर रहा है और उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन केंद्र ऐसा करने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि हमने एक महीने पहले इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ उपराज्यपाल को अपने मुख्यमंत्री के जरिए सिफारिश की हुई है, कि एसबी दीपक कुमार डॉ. नूतन मुंडेजा को सस्पेंड किया जाए. जब मंत्री ने अर्जी डाली है, तो केंद्र सरकार इस पर क्यों चुक बैठी हुई है? कार्रवाई तो केंद्र सरकार ही कर सकती है.

उन्होंने आगे कहा कि अगर धांधली हुई भी है, तो क्या केंद्र सरकार सो रही है? अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही, जबकि अधिकारियों पर नियंत्रण केंद्र सरकार का है?

सचिव की जवाबदेही उपराज्यपाल की तरफ

आप नेता ने आगे कहा कि जो अधिकारी बैठक में बैठकर हमारे निर्देश नहीं सुन रहा, वो हमारे साथ मिलकर भ्रष्टाचार करेगा? मैं औचक निरीक्षण के दौरान हर बार स्वास्थ्य सचिव को कहता हूं कि आप भी आएं. एक में भी वो आए हों तो बताइए. हर बैठक में विस्तृत निर्देश दिए जाते हैं. एक भी मीटिंग में स्वास्थ्य सचिव नहीं आए, क्योंकि उनकी जवाबदेही ही नहीं हमारी तरफ, उसकी जवाबदेही तो LG की तरफ है. अब कर दो सस्पेंड दोनों को, हमारा निवेदन है, सिफारिश है.

– भारत एक्सप्रेस

 

 

Rahul Singh

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