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दिल्ली कोचिंग हादसा: बेसमेंट के सह मालिकों की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई से मांगा जवाब

Delhi Coaching Incident: जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामला कोई साधारण मामला नहीं है.

Delhi Coaching hadsa

राऊज कोचिंग सेंटर में हुआ था हादसा.

Dipesh Thakur Edited by Dipesh Thakur

Delhi Coaching Incident: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र कोचिंग सेंटर हादसे के दौरान 3 छात्रों की मौत के मामले में गिरफ्तार बेसमेंट के सह मालिकों की ओर से दायर जमानत याचिका पर दिल्ली कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब, मांगा है. जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामला कोई साधारण मामला नहीं है. कोर्ट ने सीबीआई के वकील से बेसमेंट के सह-मालिकों की जवाबदेही के संदर्भ में ठोस सबूत देने को कहा है. कोर्ट 11 सितंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. साथ ही कोर्ट ने इस हादसे में जान गवाने वाले एक छात्र के पिता की ओर से दायर जमानत अर्जी पर जवाब दाखिल करने को कहा है. जिन छात्रों की मौत हुई है उसमें उत्तर प्रदेश की श्रेया यादव, तेलंगाना की तान्या सोनी और नेविन डेलविन शामिल है. 23 अगस्त को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने चारों की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.

सीबीआई कर रही है मामले की जांच

दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया था. अब सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है. निचली अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि जांच अभी शुरुआती दौर में है. इसलिए अभी जमानत देना सही नहीं होगा. सीबीआई ने चारों आरोपियों परविंदर सिंह, तजिंदर सिंह, हरविंदर सिंह और सरबजीत सिंह की ओर से दायर जमानत याचिका का विरोध किया था. सीबीआई ने कहा था कि बेसमेंट ही अवैध तरीके से बनी हुई थी. वहीं, सह मालिकों की ओर से पेश वकील ने कहा था कि तीनों छात्रों की मौत एक दैवीय घटना थी, नगर निगम ने अगर अपने कर्तव्यों का पालन किया होता तो इसे टाला जा सकता था.

अधिवक्ता की दलील

अधिवक्ता ने दलील दी थी कि बेसमेंट में पहले पुस्तकालय नहीं था, बल्कि छात्रों के लिए कक्षाएं शुरू होने से पहले वाला एक प्रतीक्षा क्षेत्र था. उन्होंने दावा किया था कि घटना से कुछ दिन पहले परिसर में अग्निशमन विभाग द्वारा निरीक्षण किया गया था, जिसमें बताया गया था कि बेसमेंट का उपयोग भंडारण कक्ष के तौर पर किया जा रहा था और भवन सुरक्षित था तथा शैक्षणिक केंद्र चलाने के लिए उपयुक्त था.

बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया था. इससे पहले तीस हजारी कोर्ट ने सभी चारों अभियुक्तों तेजिंदर सिंह, परविंदर सिंह, हरविंदर सिंह और सरबजीत सिंह की जमानत याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी थी. जिसके बाद सभी चारों ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल किया था. इससे पहले तीस हजारी कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सभी सह मालिकों को जमानत देने से इंकार कर दिया था.

-भारत एक्सप्रेस



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