नई दिल्ली, 30 जून 2026: दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आज ‘राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी महासंघ’ की ओर से एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस सम्मेलन में देशभर से आए स्ट्रीट वेंडर्स के प्रतिनिधियों ने अपनी प्रमुख समस्याओं और चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की. कार्यक्रम में उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उनके साथ महामंडलेश्वर नवल किशोर दास, महासंघ के अध्यक्ष आलोक पांडे, महासचिव अभिषेक निगम, कार्यक्रम संयोजक रामगोपाल सिंह और अजय सिंह मौजूद रहे. मुख्य अतिथि मनोज तिवारी और महामंडलेश्वर नवल किशोर दास ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की.
वेंडर एक्ट को प्रभावी बनाने और निष्पक्ष TVC चुनाव की मांग
संगोष्ठी के दौरान मुख्य विषय ‘स्ट्रीट वेंडर्स के समक्ष चुनौतियां और उनका समाधान’ पर वक्ताओं ने प्रशासनिक उत्पीड़न, एमसीडी और पुलिस की परेशानियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. महासंघ के महासचिव अभिषेक निगम ने मांग की कि देश के सभी राज्यों में वेंडर एक्ट का पालन सुनिश्चित हो. इसके साथ ही दिल्ली में टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) के चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग उठी. काले कुर्ते और नेहरू जैकेट में नजर आ रहे महासंघ के अध्यक्ष आलोक पांडे ने कहा कि रेड़ी-पटरी कारोबारियों को सम्मानजनक पहचान और सुरक्षित रोजगार मिलना चाहिए.
सरकारी योजनाओं से मिल रहा है मान-सम्मान: मनोज तिवारी
मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद मनोज तिवारी ने भरोसा दिलाया कि सरकार वेंडर्स को कानूनी संरक्षण देने के लिए लगातार काम कर रही है. वहीं, कार्यक्रम संयोजक रामगोपाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर निधि (स्वनिधि) जैसी योजनाओं के जरिए पहली बार स्ट्रीट वेंडर्स को साहूकारों के ऊंचे ब्याज से मुक्ति मिली है और उन्हें संगठित रूप से आर्थिक सहायता व सम्मान दिया गया है.
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