दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने राजधानी में युवाओं के बीच बढ़ती नशाखोरी (Drug Abuse) की समस्या से निपटने के लिए एक अहम कदम उठाया है. अब राज्य के सभी मेडिकल स्टोर (Medical Store) पर सीसीटीवी कैमरा (CCTV Camera) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. यह फैसला खासकर H1 कैटेगरी की दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के मकसद से लिया गया है, जिन्हें अक्सर बिना डॉक्टर की पर्ची के बेचा जाता है और नशे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.
H1 श्रेणी में कौन सी दवाएं
H1 श्रेणी की दवाएं वो होती हैं जिन्हें आमतौर पर खांसी (Cough) जैसी समस्याओं के लिए दिया जाता है, लेकिन इनका उपयोग दोहरे उद्देश्य के लिए भी होता है. खासकर सिरप और कुछ खास गोलियां इस कैटेगरी में आती हैं. दवा दुकानों पर यह दवाएं आसानी से बिना पर्ची के मिल जाती हैं, जिससे स्कूली छात्र और युवा वर्ग आसानी से इनका सेवन नशे के लिए करने लगे हैं.
खुफिया रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, इन दवाओं की खुली बिक्री न केवल इंसानों बल्कि जानवरों पर भी गलत प्रयोग की वजह बन रही है. इसके साथ-साथ इन्हें कपड़ा, केमिकल और खाने के प्रोडक्ट्स में भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे इनके खतरे और बढ़ जाते हैं.
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सरकार का आदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में सरकार ने यह निर्देश दिया है कि जुलाई 2025 तक हर मेडिकल स्टोर पर दवा काउंटर के पास CCTV कैमरा लगाना जरूरी होगा. इससे बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पर नजर रखी जा सकेगी और दोषियों पर कार्रवाई करना आसान होगा.
यह कदम जहां एक ओर नशे की प्रवृत्ति को रोकने में मदद करेगा, वहीं दवा दुकानों पर पारदर्शिता भी बढ़ाएगा. उम्मीद है कि इससे युवाओं को एक सुरक्षित और स्वस्थ माहौल मिल सकेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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