Bharat Express DD Free Dish

Delhi High Court ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को दी जमानत, सात साल बाद आया फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपीयों को जमानत दे दी है. जिसमें कहा गया है कि मामले में जिन दो चश्मदीदों से पूछताछ की गई उन्होंने अभियोजन पक्ष के बयान का समर्थन नहीं किया.

Delhi High Court

दिल्ली हाई कोर्ट

Edited by Akansha

सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी को दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है. जिसमें कहा गया है कि मामले में जिन दो प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की गई, उन्होंने अभियोजन पक्ष के बयान का समर्थन नहीं किया है. आरोपी 7 साल से अधिक समय से जेल में बंद है. जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने जमानत देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को मुकदमे के नतीजे का इंतजार करते हुए अनिश्चित काल तक हिरासत में नही रखा जा सकता.

केवल 13 लोगों से ही की गई पूछताछ

इस मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य की पहले ही जांच हो चुकी है और दो प्रमुख प्रत्यक्षदर्शियों ने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन किया. इस मामले में 33 गवाहों में से केवल 13 से ही पूछताछ की गई है और मुकदमे को निपटारा होने में काफी समय लग सकता है.

वकील प्रशांत और कौसर खान याचिकाकर्ता एक रिक्शा चालक के लिए निः शुल्क पेश हुए और दलील दिया कि मामला पूरी तरह से अभियोक्ता की अपुष्ट गवाही पर निर्भर करता है. उन्होंने आगे कहा कि एफएसएल रिपोर्ट अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं करती है.

यह भी पढ़ें: संसद का शीतकालीन सत्र खत्म, हंगामों और टूटती परंपराओं के लिए रखा जाएगा याद

हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक ने इस आधार पर जमानत का विरोध किया कि अभियोक्ता ने शपथ पर लगातार पुष्टि किए गए बयान दिए है. साथ ही कहा कि अगर आरोपी को जमानत दी जाती है तो एक जोखिम है कि वह जांच को प्रभावित कर सकता है.

कई धाराएं दर्ज की गई

2 फरवरी 2017 की दिल्ली पुलिस की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता सनलाइट कॉलोनी थाने में आई और कहा कि अक्टूबर 2016 में वह ट्रेन से नई दिल्ली पहुची जहां उसकी मुलाकात एक आदमी से हुई. उसने आगे आरोप लगाया कि उसके साथ कई व्यक्तियों ने यौन उत्पीड़न किया जिसमें वह आदमी भी शामिल था, जिससे वह मिली थी. पीड़िता के बयान के आधार पर धारा 376, धारा 363, धारा 366, धारा 506, धारा 328/34 आईपीसी के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी. जांच के दौरान दो आरोपियों को 3 फरवरी 2017 को गिरफ्तार किया गया था.

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read