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उन्नाव रेप के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से लगा बड़ा झटका, अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने से किया इनकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को 24 जनवरी को आंख का ऑपरेशन कराने के लिए मेडिकल आधार पर जमानत मिली थी, लेकिन कोर्ट ने इसे बढ़ाने से मना कर दिया.

Unnao Rape Case

उन्नाव रेप कांड का दोषी कुलदीप सिंह सेंगर.

दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को स्वास्थ्य के आधार पर मिली अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाने से इनकार कर दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस धर्मेश शर्मा ने खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान यह पाया गया है जस्टिस धर्मेश शर्मा ने ही वो फैसला दिया था, जिसमें सेंगर को बलात्कार के मामले में दोषी पाया गया था और उसे जेल की सजा सुनाई गई थी. इसलिए जस्टिस धर्मेश शर्मा ने मामले से खुद को अलग कर लिया. जस्टिस प्रतिभा सिंह ने कहा कि फैसले पर विचार करते हुए, इस मामले की किसी दूसरी पीठ के सामने सूचिबद्ध किया जाए. जिसमें जस्टिस धर्मेश शर्मा हिस्सा ना हो. इसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर के वकील ने मेडिकल आधार पर मिली अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि उनकी आंख का ऑपरेशन 24 जनवरी को होना है.

एम्स ने यह तारीख दी है. जस्टिस प्रतिभा सिंह ने कुलदीप सिंह सेंगर के अनुरोध को नामंजूर कर दिया और कहा कि आप आत्मसमर्पण करें. फिर हम इस आवेदन पर विचार करेंगे. हमने आपको पर्याप्त छूट दे दी है. हम सिर्फ समझौता करते नहीं रह सकते. कोर्ट 27 जनवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

20 जनवरी को खत्म हो रही अंतरिम जमानत

पिछली सुनवाई के दौरान सेंगर की ओर से पेश वकील ने कहा था कि उन्हें मोतियाबिंद की सर्जरी करानी है, और एम्स ने सर्जरी के लिए 24 जनवरी की तारीख तय की है, जबकि कोर्ट द्वारा स्वास्थ्य के आधार पर मिली अंतरिम जमानत की अवधि 20 जनवरी को खत्म हो रही है. उन्होंने यह भी कहा था कि हाई कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते समय कही नही कहा है कि चिकित्सा कारणों से कोई विस्तार नहीं दिया जा सकता है.

सीबीआई ने अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाए जाने का विरोध किया था. सीबीआई ने कहा था कि परिस्थितियों में कोई बदलाव नही हुआ है. सीबीआई ने कहा कोर्ट ने जमानत देते समय कहा था कि आगे अंतरिम जमानत का विस्तार नही किया जाएगा.

बता दें कि कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप है कि साल 2017 में पीड़ित का अपहरण कर उससे बलात्कार करने का दोष साबित हुआ था. घटना के समय पीड़ित नाबालिग थी. 13 मार्च 2020 को निचली अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की कठोर सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था.

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-भारत एक्सप्रेस 



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