Delhi International Cyber Fraud Gang Arrest: दिल्ली पुलिस की नॉर्थ जिला साइबर सेल ने एक ऐसे इंटरनेशनल गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सोशल मीडिया पर लोगों को अपना निशाना बनाता था. यह गैंग दोस्ती की आड़ में महंगे गिफ्ट और विदेशी मुद्रा भेजने का झांसा देकर ठगी करता था. इस गिरोह का मास्टरमाइंड नाइजीरियाई नागरिक कुलीबाली अमारा है, जो पिछले 7 साल से भारत में छिपकर ठिकाना बदलता फिर रहा था. पुलिस ने गैंग के मुख्य आरोपी समेत कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया है.
मामले(Cyber Fraud) को लेकर दिल्ली पुलिस के डीसीपी ने बताया कि इस केस की जांच बुराड़ी की रहने वाली 40 वर्षीय महिला की शिकायत से शुरू हुई. अप्रैल 2025 में महिला के व्हाट्सएप पर नितिन पटेल नाम के व्यक्ति का मैसेज आया. उसने दोस्ती की और महिला का भरोसा जीत लिया. कुछ दिनों बाद नितिन ने कहा कि उसने लंदन से एक पार्सल भेजा है जिसमें ब्रांडेड बैग, जूते, एक महंगी अंगूठी और 50,000 पाउंड (करीब 50 लाख रुपये से ज्यादा) कैश है.
कैसे झांसे में फंसे लोग?
अप्रैल 2025 में बुराड़ी की एक 40 वर्षीय महिला के व्हाट्सएप पर नितिन पटेल नाम से मैसेज आया. कुछ दिनों बाद नितिन ने कहा कि लंदन से एक पार्सल भेजा है जिसमें ब्रांडेड बैग, जूते, महंगी अंगूठी और 50,000 पाउंड कैश है. महिला खुश हो गई. फिर दिल्ली एयरपोर्ट से कथित अधिकारी का फोन आया कि पार्सल छुड़ाने के लिए क्लियरेंस फीस देनी होगी. यह सुनकर महिला ने लालच में 40,000 रुपये दे दिए. इसके बाद ट्रांसपोर्ट, लेट फीस, कस्टम ड्यूटी के नाम पर किस्तों की मांग शुरू हो गई.
पुलिस अधिकारी बनकर दी धमकी
जब महिला ने पैसे देना बंद किया तो ठगों ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट का पुलिस अधिकारी बताया. साथ ही धमकी दी कि नितिन पटेल 1 लाख पाउंड के साथ पकड़ा गया है. अगर उसे बचाना है और खुद जेल से बचना है तो 1.30 लाख और दो. डरी हुई महिला से कुल 4.20 लाख रुपये ऐंठ लिए गए. आखिरकार महिला ने NCPCR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई.
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कैसे पकड़ में आया आरोपी?
पुलिस ने सबसे पहले दिल्ली के सागरपुर और नजफगढ़ से दो भारतीय आरोपी अंश ओबेरॉय और कुणाल को पकड़ा. ये दोनों फर्जी सिम कार्ड और बैंक खाते नाइजीरियाई ठगों को बेचते थे. फिर पुलिस ने इनके फोन से मास्टरमाइंड को मैसेज किया कि नए बैंक खातों का पार्सल तैयार है, जिसके बाद ठग ने बुराड़ी में अपनी लोकेशन दी. तुरंत पार्सल लेने पहुंचते ही पुलिस ने उसे घेर कर गिरफ्तार कर लिया.
नाइजीरियाई मूल का था आरोपी
मामले(Cyber Fraud) में पकड़े गए मुख्य आरोपी 32 वर्षीय कुलीबाली अमारा नाइजीरियाई नागरिक है. वह पिछले 7 साल से भारत में रह रहा था और अलग-अलग चर्चों में छिपकर ठिकाना बदलता फिर रहा था. दूसरा गिरफ्तार आरोपी 31 वर्षीय कुणाल उर्फ सोनू उत्तम नगर का रहने वाला है. जोकि पहले मार्शल आर्ट सिखाता था और वर्तमान में फर्जी सिम और खातों का धंधा करता था.
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-भारत एक्सप्रेस
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