Bharat Express DD Free Dish

दिल्ली कला उत्सव 2026: संगीत, नृत्य और लोक कला का संगम, रवींद्र भवन में दो दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ का सफल समापन

Delhi Kala Utsav 2026: दिल्ली में संस्कार भारती और दिल्ली सरकार के सहयोग से आयोजित दिल्ली कला उत्सव 2026 का समापन रवींद्र भवन में हुआ. दो दिवसीय कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत, नृत्य, नाटक, कविता और लोक कला की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

Delhi Kala Utsav 2026: नई दिल्ली में संस्कार भारती, दिल्ली प्रांत द्वारा दिल्ली सरकार के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय दिल्ली कला उत्सव 2026 का समापन सोमवार को रवींद्र भवन, मंडी हाउस में हुआ. उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, संस्कार भारती के अखिल भारतीय सह-व्यवस्था प्रमुख विजय कुमार और कार्यकारिणी सदस्य अशोक तिवारी जैसे विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे. सभी ने भारतीय कला और संस्कृति के संरक्षण में ऐसे आयोजनों की अहमियत पर जोर दिया.

संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां

दो दिनों तक चले इस उत्सव में शास्त्रीय संगीत, नृत्य, लोक कला और नाट्य मंचन का अद्भुत संगम देखने को मिला. संतूर वादक पंडित अभय रुस्तम सोपोरी ने राग भारतीय की प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा. वहीं गायिका विधि शर्मा ने होली गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.

रंगमंच और कविता का रंग

नाट्य प्रस्तुतियों में प्रदीप कुकरेजा द्वारा निर्देशित नाटक बेसहारा औरत को विशेष प्रशंसा मिली. कवि सम्मेलन भी आयोजन का आकर्षण रहा, जिसमें प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर किया.

फूलों की होली और लोक परंपरा

उत्सव का सबसे खास आकर्षण वृंदावन की फूलों की होली रही, जिसे चारकुला आर्ट्स अकादमी ने प्रस्तुत किया. इसने दर्शकों को भारतीय लोक परंपरा से गहराई से जोड़ दिया.

संस्थाओं का सहयोग

दिल्ली सरकार के साथ-साथ मैथिली-भोजपुरी अकादमी, ललित कला अकादमी और अन्य सांस्कृतिक संस्थाओं ने इस आयोजन में सहयोग दिया. इससे यह उत्सव राजधानी के कला जगत का एक समन्वित मंच बन गया.

नवोदित कलाकारों को अवसर

कार्यक्रम का संयोजन नाटककार जयप्रकाश सिंह ने किया. इस मंच पर स्थापित कलाकारों के साथ-साथ नए कलाकारों को भी प्रस्तुतियों का अवसर मिला. आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन व्यावसायिक नहीं बल्कि भारतीय कला परंपरा के संरक्षण और प्रसार के लिए है.

आयोजकों का आभार

संस्कार भारती, दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष प्रभात कुमार ने सभी कलाकारों, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को समाज में सशक्त रूप से स्थापित करते हैं. साथ ही उन्होंने अगले वर्ष इस उत्सव को और भव्य बनाने की घोषणा की.

ये भी पढ़ें-साल का पहला चंद्र ग्रहण: चटक लाल रंग में दिखेगा आज का चांद, क्या है बल्ड मून के पीछे का साइंस?

लोक कला और व्यंजन

दोनों दिनों में कठपुतली, हस्तशिल्प प्रदर्शन और दिल्ली-6 के पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लिया गया. बड़ी संख्या में परिवारों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष ऊंचाई दी.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read