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दिल्ली शराब नीति घोटाला मामला; तिहाड़ जेल में बंद के कविता ने अपनी डिफॉल्ट जमानत याचिका को राऊज एवेन्यू कोर्ट से लिया वापस

कविता ने अपनी याचिका में कहा था कि जांच एजेंसी सीबीआई ने 60 दिनों की निर्धारित समय सीमा के भीतर अधूरा चार्जशीट दायर किया है.

BRS MLC K. Kavita

बीआरएस नेता के. कविता

दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में तिहाड़ जेल में बंद बीआरएस नेता के कविता ने अपनी डिफॉल्ट जमानत याचिका को राऊज एवेन्यू कोर्ट से वापस ले लिया है. कविता के सीबीआई ने मामले में दायर चार्जशीट के बाद डिफॉल्ट जमानत याचिका दायर की थी. कविता ने अपनी याचिका में कहा था कि जांच एजेंसी सीबीआई ने 60 दिनों की निर्धारित समय सीमा के भीतर अधूरा चार्जशीट दायर किया है. इसलिए उन्हें डिफॉल्ट जमानत चाहिए.

कविता ने अपनी याचिका में यह भी कहा था कि यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि तीसरा सप्लीमेंट्री चार्जशीट उनकी डिफॉल्ट जमानत पर रिहाई को रोकने, बाधित करने और साथ ही सीआरपीसी की धारा 309(2) के आदेश का उल्लंघन करने के एकमात्र उद्देश्य से दायर किया गया है. बता दें कि के कविता की ओर से दायर नियमित जमानत याचिका निचली अदालत और हाई कोर्ट से खारिज हो चुकी है. कविता ने सीबीआई और ईडी दोनों मामलों में जमानत की मांग की थी.

मामले की सुनवाई के दौरान कविता की ओर से पेश वकील ने कहा था कि केंद्र सरकार के सदस्यों और सीबीआई-ईडी की मिली भगत से उनके खिलाफ साजिश रची गई है. कविता ने निचली अदालत द्वारा 6 मई को उनकी जमानत याचिका खारिज करने के आदेश के खिलाफ अपील की थी. कोर्ट ने कविता की ओर से दायर जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है. कविता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने दावा किया था कि ईडी और सीबीआई की जांच एकतरफा थी.

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उनके साथ पक्षपात हुआ है. कविता के वकील ने यह भी कहा था कि ईडी द्वारा कविता को गिरफ्तार किया गया था. वही जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने वादा किया था कि वह उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नही करेंगे. कविता के वकीलों के आरोपों को ईडी के वकील ने गलत बताया है. ईडी ने कहा था को कविता दिल्ली शराब नीति घोटाले में उत्पन्न अपराध की आय की लाभार्थी थी. कविता के वकील ने कहा था कि शराब नीति घाटाले में 50 आरोपियों में से वह अकेली महिला है और अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें जमानत देने पर विचार किया जाए.

सुनवाई के दौरान सीबीआई और ईडी ने कविता के जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि उन्होंने घोटाले के पीछे साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. बीआरएस में सक्रिय नेता और तेलंगाना विधान परिषद की सदस्य होने के नाते वह कमजोर महिलाओं के साथ समानता की मांग नही कर सकती है. उनके रसूखों और पद स्थिति के चलते जमानत पर बाहर रहते हुए उनमें सबूतों से छेड़छाड़ करने और गवाहों को प्रभावित करने की क्षमता है. एजेंसी ने तर्क दिया कि तेलंगाना की विधायक अत्यधिक प्रभावशाली व्यक्ति है. उन पर गंभीर आर्थिक अपराध करने के आरोप है.

यह घोटाला दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति के कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार एवं मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है. हालांकि इस नीति को बाद में रद्द कर दिया गया था. ईडी ने कविता को 15 मार्च को बंजारा हिल्स स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था.

-भारत एक्सप्रेस



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