Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

दिल्ली मेट्रो के लिए राहत; राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों के एंट्री गेट दोबारा खुले, सेवाएं बहाल

दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा कारणों से बंद किए गए राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट को फिर से खोल दिया हैं.

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शनिवार को यात्रियों को राहत देते हुए राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार फिर से खोल दिए. सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इन स्टेशनों के एंट्री गेट कुछ समय के लिए बंद किए गए थे. अब यात्रियों को इन प्रमुख स्टेशनों से दोबारा प्रवेश की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है.

डीएमआरसी ने अपने अपडेट में जानकारी दी कि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों के एंट्री गेट अब सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. इससे पहले शनिवार को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली के मध्य क्षेत्र में स्थित कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था.

सुरक्षा व्यवस्था के चलते कई स्टेशनों पर असर

जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी थी. इसी वजह से डीएमआरसी ने एहतियाती कदम उठाते हुए केंद्रीय दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही सीमित कर दी थी.

इनमें लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल थे. हालांकि, अब तीन अहम स्टेशनों राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर प्रवेश की सुविधा बहाल कर दी गई है.

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे पर कही बड़ी बात

वहीं, परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान ने देश के नाम संदेश जारी किया. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं से उन्हें काफी पीड़ा पहुंची है और वह नहीं चाहते कि इस स्थिति का कोई गलत फायदा उठाए.

प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के प्रति उनकी जिम्मेदारी हमेशा बनी रहेगी. उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने जवाबदेही स्वीकार करने का फैसला लिया है.

उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं की उम्मीदें और सपने देश की सबसे बड़ी ताकत हैं. छात्र सिर्फ देश का भविष्य नहीं हैं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में उनकी अहम भूमिका होगी. प्रधान ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर और देशभर में बने हालात को देखते हुए उनका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता बनाए रखना और किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी या प्रशासनिक उलझनों में फंसने से बचाना है.

उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कायम रहना जरूरी है, ताकि विद्यार्थी बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दे सकें.

ये भी पढ़ें: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक ने कहा- ‘यह लोकतंत्र की जीत, अब जवाबदेही के बाद सुधारों की बारी’

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital