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Delhi NCR Air Pollution: दिल्ली-NCR की हवा फिर ‘खतरनाक’ स्तर पर, नए एनालिसिस ने खोली दशकभर की असल तस्वीर

दिल्ली-NCR में एयर क्वालिटी एक बार फिर खतरनाक श्रेणी में दर्ज की गई है. नए एनालिसिस के मुताबिक, दिल्ली लगातार पूरे दशक में सबसे प्रदूषित शहर रहा है. कमजोर बारिश, स्थानीय प्रदूषण और भौगोलिक कारणों से सर्दियों में स्मॉग और गहरा होता जा रहा है.

Delhi NCR Air Pollution, Delhi AQI Today

Delhi NCR Air Pollution: दिल्ली-NCR की हवा एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली हो गई है. शनिवार सुबह जैसे ही लोग घरों से निकले, एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका था.

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) और अन्य मॉनिटरिंग एजेंसियों की ताजा रिपोर्ट में सामने आया है कि नोएडा में सुबह 7:47 बजे AQI 561 दर्ज किया गया, जो सीधा ‘Severe’ श्रेणी में आता है. इसका मतलब है कि हवा में इतना प्रदूषण है कि स्वस्थ व्यक्ति भी इसके असर से बच नहीं सकता.

दस साल में सबसे प्रदूषित शहर बना रहा दिल्ली

एक नए अध्ययन ने लंबे समय से चल रही आशंका पर अब मुहर लगा दी है. 2015 से नवंबर 2025 तक 11 बड़े भारतीय शहरों के एयर क्वालिटी डेटा का विश्लेषण करने के बाद रिपोर्ट ने साफ किया है कि दिल्ली पूरे एक दशक से देश का सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है.

ये भी चौंकाने वाली बात है कि इन दस सालों में किसी भी बड़े शहर ने एक बार भी ऐसा साल नहीं देखा जब हवा ‘सुरक्षित’ स्तर पर पहुंची हो.

स्मॉग पर दिख रहा मौसम का असर

रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडो-गैंगेटिक प्लेन यानी उत्तर भारत का बड़ा भूभाग पहले से ही हवा के ठहराव, नमी और तापमान गिरने जैसी स्थितियों के कारण सर्दियों में स्मॉग का आसान निशाना रहा है.

इस बार अक्टूबर से ही बारिश कम हुई और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी कमजोर रहा, जिसके कारण हवा में मौजूद प्रदूषण ऊपर नहीं उठ पाए और स्मॉग जल्दी बनकर ज्यादा देर तक टिक गया.

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प्रदूषण बना राष्ट्रीय समस्या

डेटा ये भी बताता है कि भारत में एयर पॉल्यूशन की समस्या अब स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वरूप ले चुकी है. बढ़ता शहरीकरण, ट्रैफिक का दबाव, औद्योगिक गतिविधियां, निर्माण कार्य और मौसम, ये सभी मिलकर हवा की गुणवत्ता और भी ज्यादा खराब कर रहे हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस समस्या को काबू में लाना है, तो सरकारों को लंबी अवधि वाली, वैज्ञानिक आधार पर बनी नीतियों की जरूरत होगी. सिर्फ मौसमी कदम अब काफी नहीं हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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