Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

दिल्ली पुलिस की EOW TEAM ने 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बिल्डर गिरफ्तार

आर्थिक अपराध शाखा ने बिल्डर हरिंदर बशिष्ठ को गिरफ्तार किया है, जिन पर ग्रेटर नोएडा में एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के जरिए.

Mohammed Naushad post on Pahalgam Terror Attack

आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) ने 30 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में बिल्डर हरिंदर बशिष्ठ को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उन्होंने ग्रेटर नोएडा में “वर्धमान आई-वैली” नामक एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के जरिए निवेशकों और आम जनता से करोड़ों रुपये ठगे.

24 मई 2022 को शिकायतकर्ता सुनील गुप्ता ने एक लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर 3 जून 2022 को FIR संख्या 86/2022 धारा 120-बी, 406, 409, 420, 467, 468, 471 IPC के तहत मंडिर मार्ग पुलिस स्टेशन, EOW में मामला दर्ज किया गया.

शिकायत में आरोप लगाया गया कि 2009 में “वर्धमान एस्टेट्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड” ने ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-III में “वर्धमान आई-वैली” नामक आईटी पार्क के निर्माण की योजना की घोषणा की थी. इसके तहत ऑफिस स्पेस, शॉपिंग मॉल, रिटेल यूनिट्स और आवासीय इकाइयां बेचने का वादा किया गया.

2013 में कंपनी के प्रतिनिधि हरिंदर बशिष्ठ और अन्य लोगों ने शिकायतकर्ता और उनके परिवार से संपर्क किया और “वर्धमान आई-वैली” में यूनिट्स खरीदने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने इस क्षेत्र को एक उभरता हुआ आईटी हब बताया और निवेश पर शानदार रिटर्न का आश्वासन दिया. शिकायतकर्ता ने दो यूनिट्स बुक कीं और बिल्डर बायर एग्रीमेंट (BBA) पर हस्ताक्षर किए.

  • कंपनी ने बिना किसी वैध प्राधिकरण के बीबीए पर हस्ताक्षर किए.
  • आरोप है कि एक ही यूनिट को कई निवेशकों को बेच दिया गया.
  •  प्रोजेक्ट अभी भी अधूरा है, और 75 से अधिक शिकायतें ऐसी ही धोखाधड़ी को लेकर दर्ज की गई हैं.
  • 13 जनवरी 2025 को आरोपी हरिंदर बशिष्ठ को गिरफ्तार किया गया. वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में हैं.
  • जांच में यह साबित हुआ कि पीड़ितों द्वारा दी गई राशि आरोपी कंपनी के खातों में ट्रांसफर हुई.
  • नोएडा अथॉरिटी ने पुष्टि की कि कंपनी के पास खरीददारों के नाम पर बीबीए निष्पादित करने का अधिकार नहीं था.

हरिंदर बशिष्ठ, 49 वर्ष के, स्नातक हैं और रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े हुए हैं. वह “वर्धमान एस्टेट्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड” और “जेस्टा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड” के निदेशक रह चुके हैं.
जनता को सलाह दी जाती है कि किसी भी बिल्डर या प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें. संबंधित विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी लें और ठगी से बचें. निवेश करने से पहले सभी तथ्यों को दो बार जांचें.

ये भी पढ़ें: इमरान प्रतापगढ़ी को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital