मोहम्मद इमरान प्रतापगढ़ी
सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और कवि इमरान प्रतापगढ़ी को फिलहाल राहत मिल गई है. कोर्ट ने गिरफ्तार पर अगले आदेश तक रोक लगा दिया है. कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर 10 फरवरी तक जवाब मांगा है. कोर्ट 11 फरवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. गुजरात हाई कोर्ट ने इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया था.
गुजरात हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि चूंकि जांच बहुत प्रारंभिक चरण में है, इसलिए मुझे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 528 या भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करने बक कोई कारण नजर नही आता. यही कहते हुए कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था.
3 फरवरी को हुई थी पहली FIR
इमरान ने गुजरात के जामनगर में आयोजित एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद X पर वीडियो शेयर किया था, जिसमें लिखा था-उस रब की कसम हंसते-हंसते इतनी लाशें दफना देंगे. इसके बाद जामनगर पुलिस में शिकायत दर्ज किया गया था. यह एफआईआर तीन फरवरी को एक एडवोकेट के क्लर्क ने दर्ज कराया था. इसमें आरोप लगाया गया था कि यह सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ रहा है.
भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 और 197 के तहत मामला दर्ज
कांग्रेस नेता प्रतापगढ़ी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (धर्म, नस्ल आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए प्रतिकूल आरोप, दावे) के तहत मामला दर्ज किया गया था. सांसद ने इस एफआईआर के खिलाफ गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया था. हाई कोर्ट ने यह कहते हुए इमरान प्रतापगढ़ी की याचिका को खारिज कर दिया है कि चूंकि आवेदक खुद एक सांसद है और कानून बनाने वाली संसद के सदस्य है, इसलिए उन्हें जिम्मेदारी से काम करना चाहिए. हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि कानूनी प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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