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साहब ही बन गए शिकार; ग्वालियर के डिप्टी कलेक्टर को ठग ने ऐसे फंसाया, जानिए कैसे शातिर ठग ने उड़ाए लाखों रुपए

ग्वालियर में सीएम ऑफिस का कर्मचारी बनकर एक ठग ने सस्पेंडेड डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर से 3 लाख रुपए ठग लिए है.

रिपोर्ट- मनोज चौबे


ग्वालियर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं. अक्सर हम सुनते हैं कि आम आदमी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया, लेकिन इस बार ठगों ने सीधे प्रशासन के एक बड़े अधिकारी यानी डिप्टी कलेक्टर को ही अपना निशाना बना लिया. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ठग ने खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) का कर्मचारी बताया और झांसा देकर करीब 3 लाख रुपये ठग लिए.

क्या है पूरा मामला?

यह कहानी शुरू होती है ग्वालियर के डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर से. अरविंद माहौर पिछले कुछ समय से मुश्किलों में घिरे हुए थे. एक महिला ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद विवाद इतना बढ़ा कि सरकार ने उन्हें सस्पेंड (निलंबित) कर दिया था. उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी और ज़ाहिर है, कोई भी अधिकारी ऐसी स्थिति में अपनी नौकरी और साख बचाने के लिए परेशान रहता है. बस इसी परेशानी का फायदा एक शातिर ठग ने उठाया.

‘CMO से बोल रहा हूं’ और फंस गए साहब

ठग ने बड़ी चतुराई से अरविंद माहौर को फोन किया और अपना परिचय मुख्यमंत्री कार्यालय के कर्मचारी ‘अश्वनी’ के तौर पर दिया. उसने माहौर को भरोसा दिलाया कि वह ऊपर तक सेटिंग करके उनकी विभागीय जांच में सजा कम करवा देगा और उनकी मुश्किलें खत्म कर देगा.

जब डिप्टी कलेक्टर ने ‘ट्रूकॉलर’ पर नंबर चेक किया, तो वहां भी नाम ‘सीएम पोर्टल अश्वनी’ ही लिखकर आ रहा था. बस इसी एक बात ने अधिकारी का भरोसा पक्का कर दिया. उन्हें लगा कि शायद सच में कोई मदद का हाथ बढ़ा रहा है.

किस्तों में हुई वसूली

ठग ने काम कराने के बदले पैसों की मांग शुरू की. 19 सितंबर से लेकर 1 अक्टूबर के बीच, अरविंद माहौर ने अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन वॉलेट और बैंक अकाउंट के जरिए कुल 3 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. लेकिन ठग की भूख यहीं शांत नहीं हुई. वह बार-बार और पैसों की डिमांड करने लगा.

जब पैसे देने के बाद भी काम होता नहीं दिखा और आरोपी लगातार और रकम मांगने लगा, तब जाकर डिप्टी कलेक्टर को दाल में कुछ काला नजर आया. उन्हें अहसास हुआ कि वे किसी मदद करने वाले के नहीं, बल्कि एक पेशेवर जालसाज के चंगुल में फंस चुके हैं.

ठगी का अहसास होते ही अरविंद माहौर ने ग्वालियर के थाटीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब उस बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर की डिटेल खंगाली जा रही है जिसके जरिए यह पूरा खेल खेला गया.

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-भारत एक्सप्रेस



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