DGCA Action Indigo Crisis: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो लगातार 5वें दिन भी संकट में दिखाई दी. शुक्रवार को भी देश भर में इंडिगो की 400 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई. जिसकी वजह से पैसेंजर काफी परेशान हो रहे हैं. पिछले 5 दिनों की बात करें तो कुल मिलाकर इंडिगो की 2000 से ज्यादा उड़ाने रद्द की जा चुकी हैं.
इंडिगो संकट को दूसरी एयरलाइन्स अवसर के रूप में देख रही हैं. कई एयरलाइन्स ने अपने किराये को 10 गुणा से ज्यादा बढ़ा दिया है. दिल्ली से बेंगलुरु की 6 दिसंबर की फ्लाइट का किराया 40 हजार रुपये से ज्यादा है. खास बात ये है कि ये सबसे सस्ती फ्लाइट की टिकट है. कुछ फ्लाइट्स तो इसके लिए 80 हजार रुपये तक चार्ज कर रही हैं.
एक्शन में आई सरकार
ग्राहकों को इस तरह लूटता देख अब सरकार भी एक्शन में आ गई है. मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने इंडिगो संकट को देखते हुए सभी एयरलाइन्स को एक आधिकारिक निर्देश जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि तय किये गए फेयर कैप्स का सख्ती से पालन किया जाए. ऐसा नहीं करने पर हम उन एयरलाइन्स से सख्ती से निपटेंगे.
पूरा रिफंड देने का निर्देश
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने सभी एयरलाइन्स कंपनियों को फ्लाइट कैंसिल होने पर पूरा रिफंड देने का निर्देश दिया है. साथ ही फंसे हुए लोगों को होटल में रुकने के लिए उचित इंतेजाम करने को भी कहा है. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री की तरफ से जारी निर्देश में बताया गया है कि ये कैप्स तबतक लागू रहेंगे जबतक स्थिति पूरी तरह से सामान्य ना हो जाए.
DGCA का वो नियम जिसकी वजह से आया इंडिगो संकट
- भारत की एयरलाइन कंपनी इंडिगो क्रू मेंबर्स की कमी से जूझ रही है. इसका मुख्य कारण DGCA का एक नियम है. जिसकी वजह से कर्मी काम पर वापस नहीं आ रहे हैं. क्या है वो नियम आइये बताते हैं.
- 1 नवंबर से DGCA ने पायलटों और क्रू मेंबर्स के काम से जुड़े नियमों में बदलाव लागू किये थे. जिसके तहत फ्लाइट्स के कर्मचारियों को ज्यादा से ज्यादा आराम देने पर जोर दिया गया था. इसे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन कहा गया है.
- नये नियमों के मुताबिक फ्लाइट्स के कर्मचारियों को सात दिनों तक काम करने के बाद लगातार 48 घंटों का आराम देने की बात कही गई है.
- नाइट ड्यूटी को लेकर भी बदलाव किया गया. पहले सुबह 5 बजे तक काम करना था लेकिन अब रात 12 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक ही कर्मचारी काम कर सकते हैं.
- फ्लाइट्स के कर्मचारी लगातार 2 रातों से ज्यादा ड्यूटी नहीं कर सकते हैं. यानी अब लगातार नाइट शिफ्ट पर रोक लग गई है.
- लंबी उड़ानों के बाद पायलट को 48 घंटे का रेस्ट देने की बात कही गई है.
इन सबका परिणाम ये हुआ कि फ्लाइट्स में अचानक पायलटों और क्रू मेंबर्स की संख्या में कमी आ गई. सभी एयरपोर्ट्स का शेड्यूल बिगड़ गया और फ्लाइट्स देर से चलने लगीं. जिसकी वजह से कई फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया.
-भारत एक्सप्रेस
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