पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हैं. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के ‘अन्नदाता देवो भव’ संबोधन का समर्थन करते हुए घोष ने कहा कि देश के किसान आज भी प्रधानमंत्री पर भरोसा करते हैं और उन्हें विश्वास है कि उनकी भलाई के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे.
तीन कृषि कानूनों पर क्या बोले?
दिलीप घोष ने कहा कि तीन कृषि कानूनों की वापसी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार किसानों की भावनाओं का सम्मान करती है. घोष ने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री ने स्वयं स्वीकार किया था कि सरकार किसानों को अपनी बात समझाने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाई, इसलिए व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए कानून वापस ले लिए गए. उनके मुताबिक, यह कदम सरकार की संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
जमात-ए-इस्लामी पर भी साधा निशाना
दिलीप घोष ने जमात-ए-इस्लामी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह संगठन हमेशा राष्ट्रविरोधी रुख अपनाता रहा है और देश के विभाजन का समर्थन करता रहा है. उन्होंने कहा कि देश की जनता राष्ट्रभक्त है और ‘वंदे मातरम’ जैसे नारों के प्रति लोगों की आस्था मजबूत है, जिसे कमजोर नहीं किया जा सकता.
बांग्लादेश चुनाव पर क्या बोले?
बांग्लादेश के हालिया चुनावों में बीएनपी की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए घोष ने कहा कि वे वहां की नई सरकार और नेतृत्व से अपील करते हैं कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण ढंग से शासन चलाएं तथा देश को स्थिरता और विकास की दिशा में आगे बढ़ाएं. पड़ोसी देश होने के नाते भारत शांति और सहयोग की अपेक्षा रखता है.
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TMC पर किया तीखा हमला
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर मंदिर-मस्जिद की राजनीति करने का आरोप लगाया. मुर्शिदाबाद में बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को तय करना होगा कि उन्हें विकास चाहिए या विभाजनकारी राजनीति. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में विकास, राष्ट्रवाद और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है.
-भारत एक्सप्रेस
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