Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

MP Election: सपा-कांग्रेस के बीच बढ़ी तल्खी, अखिलेश ने उतारे धड़ाधड़ प्रत्याशी, लेकिन डिंपल दे रही हैं समर्थन के संकेत

मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ बने INDIA अलायंस में शामिल तीन दल एकदूसरे के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं.

सपा सांसद डिंपल यादव (फाइल फोटो)

सपा सांसद डिंपल यादव (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ बने INDIA अलायंस में शामिल तीन दल एकदूसरे के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल से लेकर अखिलेश यादव और कांग्रेस की तरफ से कमलनाथ इसकी कमान संभाले हुए हैं. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच बढ़ी तल्खी के बीच सपा सांसद डिंपल यादव का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में कोई दरार या फिर मन-मुटाव वाली बात नहीं है. जरूरत पड़ने पर सपा पूरी ईमानदारी के साथ सबका साथ देती रही है और आगे भी देगी. डिंपल यादव के इस बयान को लेकर अब सियासी मायने भी तलाशे जाने लगे हैं.

चुनाव बाद कांग्रेस को समर्थन के संकेत

डिंपल यादव के बयान का अर्थ निकालते हुए सियासी जानकार इसे कई मायनों में अलग-अलग देखते हैं. उनका कहना है कि डिंपल यादव ने अपने बयान में ईमानदारी से और जरूरत पड़ने जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर ये संकेत दे दिए हैं कि अगर कांग्रेस को चुनाव बाद समर्थन की जरूरत पड़ेगी तो सपा उसके साथ खड़ी मिलेगी. डिंपल यादव ने ये कहकर उन अफवाहों पर भी विराम लगा दिया है कि जिसको लेकर कहा जा रहा था कि सपा और कांग्रेस के बीच लगातार दूरी बढ़ रही है.

सपा के तेवर क्यों हुए नरम?

सपा और कांग्रेस के बीच बीते दिनों जमकर बयानबाजी हो रही थी, लेकिन अब सपा के रुख में नरमी दिखाई दे रही है. इसकी दो वजहें हो सकती हैं. पहले नंबर पर इंडिया गठबंधन में शामिल टीएमसी, जेडीयू और आम आदमी पार्टी का मुश्किलों से घिरा होना और दूसरा मध्य प्रदेश में अलायंस न होने से समाजवादी पार्टी का अपनी लकीर खुद खींच लेना है.

यह भी पढ़ें- दिवाली से पहले मनीष सिसोदिया को कोर्ट से राहत, बीमार पत्नी से घर जाकर कर सकेंगे मुलाकात, लेकिन ये है शर्त

65 सीटों पर लड़ेगी सपा

कहा ये भी जा रहा है कि कांग्रेस के पास एक अच्छा मौका था, जिसके जरिए वो सपा और AAP को कुछ सीटें देकर अपने साथ रख सकती थी. इससे अन्य राज्यों, जहां पर ये पार्टियां प्रभावी हैं, वहां पर कांग्रेस को सीट बंटवारे या फिर साथ लड़ने में मदद मिलती. हालांकि अब ये मौका कांग्रेस के हाथ से निकल चुका है. ऐसे में अब ये दल भी अपने प्रभाव वाले राज्यों में हावी रहेंगी. सपा ने यूपी में लोकसभा चुनाव में 65 सीटों पर उम्मीदवारों को उतारने का ऐलान किया है.

अखिलेश ने उतारे 74 प्रत्याशी

अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश चुनाव में 74 सीटों पर प्रत्याशियों को उतारा है. इसके साथ ही चुनावी रैलियों में कांग्रेस को वोट न देने की अपील भी खूब कर रहे हैं. वहीं उनकी पत्नी और सपा सांसद डिंपल यादुव मंच से चुनाव बाद समर्थन देने के संकेत दे रही हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सपा खुद एमपी को लेकर कन्फ्यूज है?

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital