केंद्र सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बड़ी राहत देते हुए 1,912.99 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है. यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समिति (HLC) की बैठक में लिया गया. इस सहायता का उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और जरूरी सुविधाओं की बहाली को तेज करना है.
प्रभावित राज्यों को मिली सौगात
सरकार के मुताबिक यह राशि वर्ष 2025 के दौरान आई प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए दी जा रही है. कई राज्यों में बाढ़, फ्लैश फ्लड, क्लाउडबर्स्ट, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ जैसी घटनाओं से भारी नुकसान हुआ था. ऐसे में प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों और लोगों को दोबारा सामान्य जीवन देने के लिए यह आर्थिक मदद मंजूर की गई है.
इन राज्यों में मिली राशि
उच्च स्तरीय समिति के फैसले के अनुसार अलग-अलग राज्यों को अलग राशि दी जाएगी. आंध्र प्रदेश को 341.48 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपए, गुजरात को 778.67 करोड़ रुपए, हिमाचल प्रदेश को 288.39 करोड़ रुपए, नागालैंड को 158.41 करोड़ रुपए और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को 330.34 करोड़ रुपए की सहायता दी जाएगी.
NDRF से मिलेगा फंड
यह पूरी राशि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से जारी की जाएगी. हालांकि इसमें संबंधित राज्यों के राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) में मौजूद शुरुआती बैलेंस का 50 प्रतिशत समायोजित किया जाएगा. केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सहायता पहले से जारी फंड के अलावा है, यानी राज्यों को पहले जो राशि दी जा चुकी है, उसके अतिरिक्त यह नई मदद दी जा रही है.
सरकार का कहना है कि आपदा के समय केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करती हैं, ताकि प्रभावित लोगों तक जल्दी राहत पहुंचाई जा सके. वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी आपदा प्रबंधन के लिए बड़ी राशि जारी की गई है, जिससे राहत कार्यों और पुनर्वास को मजबूत किया जा सके.
-भारत एक्सप्रेस
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