25 Years of APS Mundra: किसी भी संस्थान के 25 साल सिर्फ कैलेंडर की तारीखें नहीं होते, बल्कि हजारों सपनों के हकीकत बनने की गवाही होते हैं. मुंद्रा स्थित ‘अदानी पब्लिक स्कूल’ (APS) ने जब अपनी रजत जयंती (Silver Jubilee) मनाई, तो शाम यादों के झरोखों और भविष्य के संकल्पों से सजी थी. इस बेहद खास मौके पर अदानी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदानी जब मंच पर आईं, तो वे एक प्रमोटर के तौर पर नहीं, बल्कि एक भावुक ‘अभिभावक’ के रूप में नजर आईं.
डॉ. प्रीति अदानी ने अपने संबोधन में उन शुरुआती दिनों को याद किया जब ये स्कूल महज कागजों पर एक नक्शा था. उन्होंने अपनी बातों से मुंद्रा के लोगों का दिल जीत लिया. आइये जानते हैं इस जश्न और डॉ. अदानी के संबोधन की कुछ बड़ी और प्रेरक बातें.
भूकंप का डर और अटूट हौसला
डॉ. प्रीति अदानी ने बताया कि 25 साल पहले जब इस स्कूल की नींव रखी जा रही थी, तब उनका बैकग्राउंड मेडिकल का था, शिक्षा का नहीं. उन्होंने इसे ‘भरोसे की छलांग’ करार दिया. उन्होंने उस खौफनाक मंजर का भी जिक्र किया जब 2001 के विनाशकारी भूकंप ने सब कुछ हिला कर रख दिया था. हर तरफ अनिश्चितता थी, लेकिन टीम रुकी नहीं. डॉ. अदानी ने इसे जीवन का बड़ा सबक बताते हुए कहा, “दुनिया के शोर को अपने अंदर की रोशनी कम न करने दें. सब्र और हिम्मत हो तो हर सपना मुमकिन है.”
‘एक बच्चे को पालने के लिए पूरा गांव चाहिए’
अपने भाषण में उन्होंने स्कूल की सफलता का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरी कम्युनिटी को दिया. उन्होंने पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि एक बच्चे को बड़ा करने के लिए पूरे गांव की जरूरत होती है. उन्होंने स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल्स मिस अलका लोकरे, मिस्टर रश्मिकांत मकवाना और मिस्टर के.जे. जोस के योगदान को याद किया. साथ ही, मौजूदा डायरेक्टर अमी बेन शाह और प्रिंसिपल हेमंत शर्मा की लीडरशिप की तारीफ करते हुए कहा कि आज ये 2400 छात्रों और 100 से अधिक शिक्षकों का एक जीवंत परिवार बन चुका है.
चॉकबोर्ड से चेंजमेकर्स तक का सफर
डॉ. अदानी ने गर्व के साथ बताया कि आज स्कूल के छात्र नौसेना, शिक्षा, व्यापार, खेल और कला जैसे हर क्षेत्र में अपनी चमक बिखेर रहे हैं. उन्होंने कहा, “हमारा सबसे बड़ा गौरव ये नहीं है कि हमने क्या बनाया, बल्कि ये है कि हमने ‘किसे’ बनाया.” उन्होंने अभिभावकों का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने अपनी सबसे कीमती पूंजी स्कूल को सौंपे.
छात्रों के लिए दिया खास मैसेज
अंत में, उन्होंने छात्रों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि अपनी क्षमता को पहचानें और अपने सपनों के प्रति सच्चे रहें. उन्होंने स्कूल की तुलना एक ऐसे बच्चे से की जो अब बड़ा हो चुका है और ऊंची उड़ान भरने के लिए तैयार है.
ये शाम सिर्फ एक स्कूल के 25 साल पूरे होने का जश्न नहीं थी, बल्कि ये मुंद्रा के बदलते शैक्षिक परिदृश्य और एक ‘लीगेसी’ के निर्माण की कहानी थी. डॉ. प्रीति अदानी के शब्दों ने ये साफ कर दिया कि आने वाले 25 साल और भी शानदार होने वाले हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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