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पूर्वी नगालैंड में मतदान केंद्रों पर इस वजह से पसरा सन्नाटा, घरों से नहीं निकले लोग

पूर्वी नगालैंड में जिला प्रशासन और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों एवं वाहनों को छोड़कर सड़कों पर किसी भी व्यक्ति या वाहन की कोई आवाजाही नहीं दिखी.

पूर्वी नगालैंड के एक मतदान केंद्र पर पसरा सन्नाटा

अलग राज्य की मांग को लेकर पूर्वी नगालैंड के सात जनजातीय संगठनों की शीर्ष संस्था ‘ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन’ (ईएनपीओ) के अनिश्चितकालीन बंद के आह्वान के मद्देनजर लोग शुक्रवार को घरों के भीतर ही रहे और क्षेत्र के छह जिलों में मतदान केंद्र वीरान नजर आए. सूत्रों ने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन जिला प्रशासन और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों एवं वाहनों को छोड़कर सड़कों पर किसी भी व्यक्ति या वाहन की कोई आवाजाही नहीं दिखी. नगालैंड के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी आवा लोरिंग ने बताया कि क्षेत्र के छह जिलों के 738 मतदान केंद्रों पर निर्वाचन अधिकारी तैनात हैं.

शाम चार बजे समाप्त हो जाएगा मतदान

सूत्रों ने बताया कि पूर्वाह्न 11 बजे तक कोई मतदान नहीं हुआ. मतदान शाम चार बजे समाप्त हो जाएगा. इन जिलों में सात नगा जनजातियां – चांग, कोन्याक, संगतम, फोम, यिमखिउंग, खियामनिउंगन और तिखिर रहती हैं. अलग राज्य की उनकी मांग को क्षेत्र से संबंधित सुमी जनजाति के एक वर्ग का भी समर्थन प्राप्त है. ईएनपीओ ने पांच मार्च को ‘‘18 अप्रैल (बृहस्पतिवार) शाम छह बजे से पूरे पूर्वी नगालैंड क्षेत्राधिकार में अनिश्चितकालीन पूर्ण बंद’’ की घोषणा की थी. संगठन 2010 से एक अलग राज्य की मांग कर रहा है. उसका दावा है कि इन छह जिलों की वर्षों से उपेक्षा की जा रही है.

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नागालैंड में कुल इतने वोटर

नगालैंड के कुल 13.25 लाख मतदाताओं में से पूर्वी नगालैंड के छह जिलों में 4,00,632 मतदाता हैं. इस बीच, नगालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) व्यासन आर. ने बंद को चुनाव के दौरान अनुचित प्रभाव डालने के प्रयास के रूप में देखते हुए ईएनपीओ को बृहस्पतिवार रात कारण बताओ नोटिस जारी किया था.



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