रिपोर्ट- शैलेन्द्र कुमार साहू
Luteri dulhan Durg Case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में जिस दुल्हन को समाज में “लुटेरी दुल्हन” कहकर बदनाम किया गया था, आज उसी महिला के हक में कोर्ट का बड़ा फैसला आया है. दुर्ग न्यायालय ने मामले की लंबी सुनवाई के बाद स्पष्ट कहा कि विवाह को लेकर लगाए गए आरोप कानून की कसौटी पर टिक नहीं पाए. कोर्ट ने वाद को प्रचलन योग्य नहीं मानते हुए खारिज कर दिया. इस फैसले से भारती जैन को बड़ी राहत मिली है.
क्या था पूरा मामला?
दरअसल भारती जैन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने संतोष जैन नाम के रसूखदार परिवार में शादी कर धोखाधड़ी की. परिवार की ओर से विवाह को ही नकार दिया गया था. लेकिन दोनों के रिश्ते से एक बच्चा भी है. मामला कोर्ट पहुंचा, जहां दस्तावेज, विवाह संबंधी तथ्य और कानूनी प्रावधानों पर सुनवाई हुई. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रस्तुत वाद प्रचलन योग्य नहीं है और इसे खारिज किया जाता है. कोर्ट के फैसले ने अब इस पूरे मामले की दिशा बदल दी है.
हिन्दू रीति-रिवाज से हुई थी शादी
बताया जा रहा है कि विवाह हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था और दोनों के संबंध से एक संतान भी है. इसके बावजूद विवाह से इनकार किया जा रहा था. भारती जैन पर लगे “लुटेरी दुल्हन” जैसे गंभीर आरोप न्यायालय में साबित नहीं हो सके. फैसले के बाद भारती जैन और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है. यह मामला उन आरोपों पर भी सवाल खड़े करता है, जिनके आधार पर किसी महिला को बिना न्यायिक निर्णय के बदनाम कर दिया जाता है.
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समाज से मिली बदनामी का हुआ अंत
फिलहाल इस फैसले के बाद भारती जैन और उनके परिवार में खुशी की लहर है. जिन पर “लुटेरी दुल्हन” जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे, आज वही आरोप न्यायालय में साबित नहीं हो सके. यह मामला उन महिलाओं के लिए भी प्रेरणा है जो समाज में झूठे आरोपों से जूझ रही हैं. कोर्ट के फैसले ने साबित कर दिया कि कानून के सामने सच अंततः जीतता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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