ईजमाईट्रिप के संस्थापक और अध्यक्ष निशांत पिट्टी (Nishant Pitti) ने मंगलवार को उन आरोपों को खारिज कर दिया कि वह स्काई एक्सचेंज, महादेव ऐप या किसी भी तरह के गैरकानूनी आचरण से जुड़ी अवैध गतिविधियों से जुड़े थे.
Nishant Pitti ने आरोपों को किया खारिज
निशांत पिट्टी ने मंगलवार को एक बयान में कहा, “मैं हाल ही में मुझ पर लगे उन आरोपों का दृढ़ता से खंडन करता हूं, जिनमें स्काई एक्सचेंज, महादेव ऐप या किसी भी तरह के गैरकानूनी आचरणों से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि से मुझे जोड़ा गया है. ये दावे पूरी तरह से निराधार और भ्रामक हैं.”
“सभी नियमों का पालन किया”
निशांत पिट्टी ने इस दौरा ये भी कहा कि कोई व्यक्ति “झूठे आख्यान और गलत सूचना” के माध्यम से उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को धूमिल करने का जानबूझकर और निरंतर प्रयास कर रहा है. पिट्टी ने अपने बयान में आगे कहा, “ऐसी रणनीति न केवल अपमानजनक है, बल्कि बिना किसी तथ्यात्मक आधार के असंबंधित मामलों में मेरा नाम घसीटकर ध्यान भटकाने का भी प्रयास है. मैंने हमेशा सभी वित्तीय, कानूनी और नियामक मानदंडों का पूर्ण अनुपालन किया है.”
₹7 lakhs in a household of 8 earning adults, a tax-paid amount fully accounted for.
Two entities bought and sold shares via the open market, with no control or knowledge.
Dividend of around ₹5 lakhs paid in the normal course, as it was to lakhs of other shareholders.Yet,…
— Nishant Pitti (@nishantpitti) May 20, 2025
बरामद रुपया पूरी तरह से वैध- Nishant Pitti
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनके घर से बरामद 7 लाख रुपये के बारे में, पिट्टी ने कहा कि यह राशि “पूरी तरह से वैध है, जो मेरे परिवार की जरूरतों के लिए है, और इसका पूरा लेखा-जोखा है. जांच में अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग है और किसी भी तरह के स्पष्टीकरण के लिए भी तैयार हूं”
बता दें कि महादेव ऐप मामले में ईडी ने अब तक 170 से ज़्यादा ठिकानों पर तलाशी ली है. 21 अप्रैल को जारी ईडी के प्रेस बयान के मुताबिक, जांच के परिणामस्वरूप, मामले में 3,002.47 करोड़ रुपये (लगभग) की अचल और चल संपत्ति जब्त/जमा/अटैच की गई है. ईडी के 21 अप्रैल के अपने बयान में बताया था कि इस मामले में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार भी किया है. साथ ही, इस मामले में दर्ज पांच अभियोजन शिकायतों में 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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