Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

Election Commission ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया, EVM के उपयोग के लिए सुरक्षा उपायों को अपनाकर पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किया

उत्तर प्रदेश के रामपुर से लोकसभा चुनाव लड़ रहे वकील महमूद प्राचा द्वारा चुनाव प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड की गई सभी वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करने की मांग करने वाली याचिका का विरोध करते हुए चुनाव आयोग ने यह दलील दी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर.

भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission) ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि उसने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के उपयोग के लिए कई सुरक्षा उपायों को अपनाकर स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किया है. उत्तर प्रदेश के रामपुर निर्वाचन क्षेत्र से एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में मौजूदा लोकसभा चुनाव लड़ने वाले वकील महमूद प्राचा द्वारा चुनाव प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड की गई सभी वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करने की मांग करने वाली याचिका का विरोध करते हुए आयोग ने यह दलील दी है.

रामपुर में मतदान 19 अप्रैल को हुआ था. 29 अप्रैल को प्राचा ने सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के संरक्षण के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा था. हालांकि, उनका कोई जवाब नहीं आया. उनकी याचिका का विरोध करते हुए आयोग ने अपना जवाबी हलफनामा दायर किया है, जिसमें चुनाव के सभी चरणों की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कवरेज की रिकॉर्डिंग और संरक्षण का विस्तार से वर्णन किया गया है.

आयोग पूरी चुनाव प्रक्रिया के संबंध में वीडियोग्राफी और सीसीटीवी की स्थापना को अनिवार्य करता है और यह रिकॉर्ड उसके द्वारा समय-समय पर जारी किए गए विभिन्न निर्देशों के आधार पर बनाए रखा/संरक्षित किया जाता है. वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कवरेज के संरक्षण से संबंधित निर्देश ईवीएम मैनुअल 13 मार्च 2020, 13 सितंबर 2022 और 19 जून 2023 के निर्देशों में निर्धारित हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव में इस्तेमाल के लिए प्रस्तावित सभी EVM की प्रथम स्तर की जांच की जाती है, जिसके बाद प्रत्येक नियंत्रण इकाई को सील कर दिया जाता है और स्ट्रॉन्ग रूम में संग्रहीत किया जाता है. प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाती है और फुटेज को परिणाम की घोषणा के बाद 45 दिनों तक या चुनाव याचिका के फैसले तक, जो भी बाद में हो, सुरक्षित रखा जाता है.

हलफनामे में आगे कहा गया है कि स्टोर रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जहां एक बार में कम से कम 30 दिनों की रिकॉर्डिंग के लिए डीवीआर स्टोरेज के साथ प्रथम स्तर की जांच के बाद ईवीएम स्थापित किए जाते हैं.

ये भी पढ़ें- केंद्र सरकार आम आदमी पार्टी के साथ अन्य पार्टियों के बराबर व्यवहार नहीं कर रही व्यवहार, AAP ने दिल्ली हाईकोर्ट से क्यों कहा

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital