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ED Raid: ईडी का चंडीगढ़ की फार्मा कंपनी के खिलाफ एक्शन, दिल्ली-NCR और पंजाब में छापेमारी

ED Raid: ईडी ने पहले पैराबोलिक ड्रग्स के प्रमोटर्स विनीत गुप्ता और प्रणव गुप्ता व सीए सुरजीत कुमार बंसल को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था.

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ED Raids: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में चंडीगढ़ की एक दवा कंपनी के खिलाफ धनशोधन मामले के तहत शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में एक दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की. छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ था, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है.

ईडी ने पहले पैराबोलिक ड्रग्स के प्रमोटर्स विनीत गुप्ता और प्रणव गुप्ता व सीए सुरजीत कुमार बंसल को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था. विनीत और प्रणव गुप्ता हरियाणा के सोनीपत स्थित अशोक विश्वविद्यालय के को-फाउंडर भी हैं.

सीबीआई ने 2021 में 1,626 करोड़ रु की बैंक ऋण धोखाधड़ी में उनकी कथित संलिप्तता के लिए उनके और कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया था. उसके बाद दोनों ने 2022 में अशोक विश्वविद्यालय में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. ईडी ने पिछले साल जनवरी में उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था.

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अक्टूबर में भी हुई थी छापेमारी

इस मामले में कंपनी पैराबोलिक ड्रग्स के खिलाफ अक्टूबर में भी छापेमारी की गई थी. एजेंसी ने अक्टूबर में अदालत को बताया था कि कंपनी के दो गिरफ्तार निदेशक जाली और मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर लोन और वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करके बैंकों को धोखा देने में सक्रिय रूप से शामिल थे.

कंपनी पर कई गंभीर आरोप

एजेंसी ने दावा किया था कि उनके आदेश और नियंत्रण में पैराबोलिक ड्रग्स लिमिटेड ने नकली और असंबद्ध माल चालान जारी किए. साथ ही कहा था कि बंसल ने अपनी चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म एस. के. बंसल एंड कंपनी के जरिए पैराबोलिक ड्रग्स लिमिटेड को गलत सर्टिफिकेट हासिल किए, जिनका इस्तेमाल बैंकों के समूह (कंसोर्टियम) से ऋण लेने में किया गया था.

ईडी ने तीनों की हिरासत की मांग करते हुए अदालत को बताया था कि उनकी अवैध गतिविधियों और ऋण निधि के दुरुपयोग से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और अन्य कंसोर्टियम बैंकों को 1,626.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

-भारत एक्सप्रेस



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