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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नागपुर ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के जलगांव और नासिक जिलों में स्थित कई अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. ये संपत्तियां मेसर्स राजमल लाखीचंद ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य से जुड़े एक बैंक धोखाधड़ी मामले में अटैच की गई हैं. इन संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 1.69 करोड़ रुपये बताया जा रहा है.
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक धोखाधड़ी में सख्त कार्रवाई
ईडी द्वारा की गई इस कार्रवाई की जड़ें एक बड़े बैंक घोटाले से जुड़ी हैं. मेसर्स राजमल लाखीचंद ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य पर बैंकों को धोखा देकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है. इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं की जांच करते हुए ईडी को संदिग्ध लेन-देन और संपत्तियों की जानकारी मिली थी.
ईडी ने इस मामले में पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की थी और अब तक मिली जानकारी के आधार पर जलगांव और नासिक में स्थित कई अचल संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई की गई है.
प्रवर्तन निदेशालय लगातार मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई कर रहा है. वित्तीय अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए ईडी बैंकिंग संस्थानों और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके.
ईडी इस मामले में आगे भी जांच जारी रखेगा और यदि जरूरत पड़ी, तो अन्य संपत्तियों को भी अटैच किया जा सकता है. इस घोटाले में शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की संभावना है.
देश में आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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