चुनाव आयोग (Election Commission) ने पीठासीन अधिकारियों, मतदान अधिकारियों, मतगणना कर्मियों, माइक्रो ऑब्जर्वर और चुनाव से जुड़े अन्य कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है. चुनाव के दौरान अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा को सम्मानजनक तरीके से पुरस्कृत करने के लिए आयोग ने यह बड़ा कदम उठाया है.
चुनाव कार्य में केंद्रीय एवं राज्य सरकार के कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, लोक प्राधिकरण के सदस्य, सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी आदि शामिल होते हैं. चुनाव के दौरान ये कर्मी कई महीनों से लगातार कई घंटों तक काम करते हैं ताकि मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग कर सकें और अपनी पसंद के प्रतिनिधि का चुनाव कर सकें.
आयोग ने क्या बताया ?
आयोग (Election Commission) ने बताया कि इससे पहले 2014 से 2016 के बीच अंतिम बार मानदेय में वृद्धि की गई थी, जिसे अब सुधारते हुए नई दरें लागू की गई हैं. मानदेय में प्रमुख वृद्धि के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं-
पीठासीन अधिकारी एवं मतगणना पर्यवेक्षक
अब उन्हें प्रतिदिन या इसके भाग के लिए 500 रुपए या 2 हजार रुपए एकमुश्त मानदेय मिलेगा। पहले यह 350 रुपए था.
मतदान अधिकारी
अब 400 रुपए प्रतिदिन या उसके हिस्से के लिए 1600 रुपए एकमुश्त मिलेगा. यह पहले 250 रुपए था.
मतगणना सहायक
450 रुपए प्रतिदिन या उसके हिस्से के लिए 1350 रुपए एकमुश्त मिलेगा. यह पहले 250 रुपए था.
क्लास-4 कर्मचारी (विभिन्न कर्तव्यों के लिए)
अब 350 रुपए प्रतिदिन या उसके हिस्से के लिए 1400 रुपए एकमुश्त मिलेगा, पहले 200 रुपए था.
कॉल सेंटर / कंट्रोल रूम के क्लास-4 कर्मचारी
1000 रुपए एकमुश्त, पहले 200 रुपए प्रतिदिन क हिसाब से मिलेगा. वीडियो निगरानी टीम, मीडिया मॉनिटरिंग कमिटी, फ्लाइंग स्क्वाड आदि के क्लास I/II कर्मचारी को अब 3 हजार रुपए एकमुश्त मिलेगा. पहले 1200 रुपए मिलता था. वहीं, क्लास III के कर्मचारी को 2 हजार रुपए मिलेगा. पहले इन्हें 1000 रुपए मिलता था.
माइक्रो ऑब्जर्वर
माइक्रो ऑब्जर्वर को 2000 रुपए एकमुश्त मिलेगा. पहले उन्हें 1000 रुपए मिलता था. मतदान स्थल/मतगणना केंद्र पर तैनात पुलिस, होम गार्ड, वन रक्षक, एनसीसी कैडेट, स्वयंसेवक आदि को भोजन/रिफ्रेशमेंट के लिए अब 500 रुपए प्रतिदिन मिलेंगे. पहले 150 रुपए मिलते थे.
डिप्टी जिला निर्वाचन अधिकारी को अब कम से कम संबंधित कर्मचारी के एक महीने के बेसिक वेतन के बराबर भुगतान होगा, जबकि पहले कोई वेतन नहीं दिया जाता था.
सीएपीएफ के गजेटेड अधिकारी को 15 दिन या उससे कम के लिए 4 हजार रुपए, 15 दिन से अधिक के लिए प्रति सप्ताह 2 हजार रुपए मिलेंगे. पहले 2500 रुपए व 1250 रुपए मिलते थे. अधीनस्थ अधिकारी (इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर आदि) के लिए 3000 रुपए 15 दिन तक मिलेंगे, 1500 रुपए प्रति सप्ताह 15 दिन से अधिक मिलेंगे. पहले 2000 व 1000 रुपए मिलते थे. वहीं, अन्य रैंक (हेड कॉन्स्टेबल, कॉन्स्टेबल आदि) के लिए 2500 रुपए 15 दिन तक, 1250 रुपए प्रति सप्ताह 15 दिन से अधिक के लिए मिलेंगे.
सहायक व्यय पर्यवेक्षक / सेक्टर अधिकारी / सेक्टर पुलिस अधिकारी
अब पूर्णकालीन चुनाव ड्यूटी के लिए 10,000 रुपए या प्रोराटा आधार पर भुगतान होगा, जो पहले 7,500 रुपए था.
चुनाव आयोग (Election Commission) ने पीठासीन अधिकारियों, मतदान अधिकारियों, मतगणना कर्मियों, माइक्रो ऑब्जर्वर और चुनाव से जुड़े अन्य कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है. चुनाव के दौरान अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा को सम्मानजनक तरीके से पुरस्कृत करने के लिए आयोग ने यह बड़ा कदम उठाया है.
चुनाव कार्य में केंद्रीय एवं राज्य सरकार के कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, लोक प्राधिकरण के सदस्य, सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी आदि शामिल होते हैं. चुनाव के दौरान ये कर्मी कई महीनों से लगातार कई घंटों तक काम करते हैं ताकि मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग कर सकें और अपनी पसंद के प्रतिनिधि का चुनाव कर सकें.
आयोग ने क्या बताया ?
आयोग (Election Commission) ने बताया कि इससे पहले 2014 से 2016 के बीच अंतिम बार मानदेय में वृद्धि की गई थी, जिसे अब सुधारते हुए नई दरें लागू की गई हैं. मानदेय में प्रमुख वृद्धि के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं-
पीठासीन अधिकारी एवं मतगणना पर्यवेक्षक
अब उन्हें प्रतिदिन या इसके भाग के लिए 500 रुपए या 2 हजार रुपए एकमुश्त मानदेय मिलेगा। पहले यह 350 रुपए था.
मतदान अधिकारी
अब 400 रुपए प्रतिदिन या उसके हिस्से के लिए 1600 रुपए एकमुश्त मिलेगा. यह पहले 250 रुपए था.
मतगणना सहायक-
450 रुपए प्रतिदिन या उसके हिस्से के लिए 1350 रुपए एकमुश्त मिलेगा. यह पहले 250 रुपए था.
क्लास-4 कर्मचारी (विभिन्न कर्तव्यों के लिए)
अब 350 रुपए प्रतिदिन या उसके हिस्से के लिए 1400 रुपए एकमुश्त मिलेगा, पहले 200 रुपए था.
कॉल सेंटर / कंट्रोल रूम के क्लास-4 कर्मचारी
1000 रुपए एकमुश्त, पहले 200 रुपए प्रतिदिन क हिसाब से मिलेगा. वीडियो निगरानी टीम, मीडिया मॉनिटरिंग कमिटी, फ्लाइंग स्क्वाड आदि के क्लास I/II कर्मचारी को अब 3 हजार रुपए एकमुश्त मिलेगा. पहले 1200 रुपए मिलता था. वहीं, क्लास III के कर्मचारी को 2 हजार रुपए मिलेगा. पहले इन्हें 1000 रुपए मिलता था.
माइक्रो ऑब्जर्वर
माइक्रो ऑब्जर्वर को 2000 रुपए एकमुश्त मिलेगा. पहले उन्हें 1000 रुपए मिलता था. मतदान स्थल/मतगणना केंद्र पर तैनात पुलिस, होम गार्ड, वन रक्षक, एनसीसी कैडेट, स्वयंसेवक आदि को भोजन/रिफ्रेशमेंट के लिए अब 500 रुपए प्रतिदिन मिलेंगे. पहले 150 रुपए मिलते थे.
डिप्टी जिला निर्वाचन अधिकारी को अब कम से कम संबंधित कर्मचारी के एक महीने के बेसिक वेतन के बराबर भुगतान होगा, जबकि पहले कोई वेतन नहीं दिया जाता था.
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सीएपीएफ के गजेटेड अधिकारी को 15 दिन या उससे कम के लिए 4 हजार रुपए, 15 दिन से अधिक के लिए प्रति सप्ताह 2 हजार रुपए मिलेंगे. पहले 2500 रुपए व 1250 रुपए मिलते थे. अधीनस्थ अधिकारी (इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर आदि) के लिए 3000 रुपए 15 दिन तक मिलेंगे, 1500 रुपए प्रति सप्ताह 15 दिन से अधिक मिलेंगे. पहले 2000 व 1000 रुपए मिलते थे. वहीं, अन्य रैंक (हेड कॉन्स्टेबल, कॉन्स्टेबल आदि) के लिए 2500 रुपए 15 दिन तक, 1250 रुपए प्रति सप्ताह 15 दिन से अधिक के लिए मिलेंगे.
सहायक व्यय पर्यवेक्षक / सेक्टर अधिकारी / सेक्टर पुलिस अधिकारी
अब पूर्णकालीन चुनाव ड्यूटी के लिए 10,000 रुपए या प्रोराटा आधार पर भुगतान होगा, जो पहले 7,500 रुपए था.
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