उत्तराखंड में बीजेपी विधायकों को कैबिनेट मंत्री बनाने का झांसा देने के बाद अब हरिद्वार में अधिकारियों से ठगी के प्रयास का मामला सामने आया है. इस बार पुलिस ने जय शाह के फर्जी पीए को गिरफ्तार किया है, जो फिरोजपुर, पंजाब का निवासी बताया जा रहा है. आरोपी की पहचान अमरिंदर सिंह के रूप में हुई है. पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया गया. हरिद्वार के पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और मामले की पूरी जांच जारी है.
जय शाह के फर्जी पीए की ठगी का मामला
कुछ दिन पहले, जय शाह के नाम पर उत्तराखंड के तीन बीजेपी विधायकों—रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा और नैनीताल विधायक सरिता आर्य—को फोन कर उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाए जाने का झांसा देकर ठगी का प्रयास किया गया था. इस मामले में हरिद्वार पुलिस ने एक आरोपी और उधम सिंह नगर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया था.
अधिकारियों से काम कराने का दबाव बनाने की कोशिश
अब इस मामले में जय शाह का फर्जी पीए बनकर अफसरों से काम कराने का प्रयास किया गया. आरोपी अमरिंदर सिंह ने खुद को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे और ICC के चेयरमैन जय शाह का पीए बताकर हरिद्वार के अधिकारियों को फोन किया और विभिन्न कामों को जल्दी निपटाने का दबाव बनाने की कोशिश की. अमरिंदर पिछले तीन दिनों से हरिद्वार के पावन धाम क्षेत्र के एक होटल में ठहरा हुआ था.
गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
शहर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा और हरिद्वार एसओजी प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने होटल में छापेमारी कर अमरिंदर को गिरफ्तार किया. आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसका असली मकसद क्या था, और उसने पहले कहां-कहां ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया. पुलिस ने आरोपी के पास से बीसीसीआई का एक फर्जी आई कार्ड भी बरामद किया, जिस पर जय शाह और अमरिंदर की फोटो और हस्ताक्षर थे.
बीसीसीआई का फर्जी आई कार्ड और जांच
अमरिंदर से बरामद फर्जी आई कार्ड पर बीसीसीआई का लोगो, जय शाह के हस्ताक्षर और अशोक स्तम्भ था. यह कार्ड यह दर्शाता है कि आरोपी ने अपनी पहचान को मजबूत बनाने के लिए झूठी दस्तावेज़ तैयार की थीं. अब पंजाब पुलिस से अमरिंदर के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है.
जय शाह का फर्जी पीए और विधायकों से ठगी
इससे पहले, फरवरी 2025 में, उत्तराखंड के बीजेपी के तीन विधायकों को जय शाह के नाम पर फर्जी कॉल करके कैबिनेट मंत्री बनाने का झांसा दिया गया था. इन कॉल्स में विधायकों से पैसे की डिमांड की गई थी. एक विधायक से तो लगभग तीन करोड़ रुपये मांगे गए थे. विधायकों द्वारा मामले की जांच कराए जाने पर फर्जी कॉल का खुलासा हुआ और पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
पुलिस का बयान
हरिद्वार के एसपी सिटी पंकज गैरोला ने बताया कि इस ठगी के प्रयास का मामला सामने आया है और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है. पूछताछ के दौरान अमरिंदर ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी आई कार्ड बनवाकर लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश की थी. पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक मामलों की जांच कर रही है.
प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी हरिद्वार ने कहा, “आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उसे सजा मिले.”
-भारत एक्सप्रेस
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