Faridabad SBI Locker Theft Case: फरीदाबाद/विनोद मित्तल: अक्सर हम अपनी मेहनत की कमाई और पुश्तैनी जेवर घर के बजाय बैंक लॉकर में इसलिए रखते हैं ताकि वे सुरक्षित रहें. लेकिन हरियाणा के फरीदाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने बैंकिंग सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है. सेक्टर-15 स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा में एक ग्राहक का लॉकर तोड़कर उसमें रखे करीब 1 किलो सोने और 3 किलो चांदी के जेवर गायब करने के आरोप में पुलिस ने तत्कालीन बैंक मैनेजर सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
कैसे हुआ इस ‘अंदरूनी’ साजिश का खुलासा?
यह सनसनीखेज मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित ग्राहक, पेशे से सीए (CA) डी.सी. गर्ग, 30 जनवरी 2026 को अपने लॉकर का संचालन करने बैंक पहुँचे. वहां उन्हें जो पता चला, उसने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी. उन्हें बताया गया कि उनका लॉकर, जो साल 2014 से उनके पास था, उसे तोड़कर किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित कर दिया गया है. लॉकर के भीतर रखा करीब एक किलो सोना और तीन किलो चांदी का कीमती सामान गायब था. पीड़ित ने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस और ईओडब्ल्यू (EOW) को दी.
मैनेजर से लेकर कटर चलाने वाले तक की मिलीभगत
क्राइम ब्रांच Faridabad और ईओडब्ल्यू की सघन जांच के बाद चौंकाने वाले नाम सामने आए. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन बैंक प्रबंधक प्रीति कटारिया, पूर्व मैनेजर ए.के. सिंह, बैंक कर्मचारी भावना नरवाल और लॉकर तोड़ने वाले विक्रेता नीरज शर्मा को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि आरोपी नीरज शर्मा ने अग्रिम जमानत की अर्जी भी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. 9 मार्च को हुई इन गिरफ्तारियों के बाद कोर्ट ने चारों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
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रिकवरी पर सस्पेंस: कहां गए किलो भर जेवर?
पीड़ित डी.सी. गर्ग और उनके मित्र सतीश मित्तल ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पुलिस कड़ी पूछताछ के जरिए उनके पुश्तैनी जेवर बरामद कर लेगी. हालांकि, पीड़ित ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि बैंक की इंटरनल रिपोर्ट में दोषियों के नाम सामने आने के बावजूद गिरफ्तारी में 40 दिन का समय लगा. दूसरी ओर, फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने इस मामले में ‘ऑफिशियल वर्जन’ देने से इनकार करते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से मीडिया में बयान देने पर रोक है.
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